आगरा के फतेहाबाद में बड़ा हादसा टला: यमुना पर पुल निर्माण के दौरान गिरा 53 मीटर लंबा गर्डर, बाल-बाल बचे श्रमिक

स्थानीय समाचार

आगरा: फतेहाबाद क्षेत्र के भोलपुरा गांव के समीप यमुना नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दोपहर के समय पुल का एक 53 मीटर लंबा विशाल गर्डर अचानक नीचे गिर पड़ा, जिससे निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया।

गनीमत यह रही कि उस समय लंच ब्रेक (भोजन अवकाश) चल रहा था, जिसके चलते अधिकांश श्रमिक घटनास्थल से दूर थे। यदि यह हादसा काम के दौरान होता, तो बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

​क्या है घटना का विवरण?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना दोपहर करीब 2:30 बजे की है। उस समय पुल के पिलरों पर दूसरा गर्डर रखने की प्रक्रिया चल रही थी। तभी अचानक पहले से रखा हुआ गर्डर अपना संतुलन खो बैठा और नीचे यमुना के तल में आ गिरा। गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों में भी कंपन महसूस किया गया और लोग सहम गए।

​तकनीकी खामियों पर उठे सवाल

हादसे के कारणों को लेकर विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं। सेतु निगम के सुपरवाइजर का दावा है कि गर्डर को सुरक्षित रखने के लिए लगाए गए ‘लकड़ी के गट्टे’ खिसकने के कारण संतुलन बिगड़ा। वहीं, निर्माण कार्य में जुटे निखिल शर्मा का कहना है कि जिस क्रेन की मदद से गर्डर स्थापित किया जा रहा था, वह अचानक असंतुलित हो गई, जिसके दबाव में पूरा ढांचा नीचे गिर गया।

इस घटना ने पुल निर्माण में अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, जिससे भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी का डर बना हुआ है।

​जांच के आदेश

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सेतु निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। सेतु निगम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि गर्डर गिरने के पीछे मानवीय चूक थी, या तकनीकी विफलता। सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल निर्माण कार्य की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोका जा सके।