फूलों में सज रहे हैं श्री वृन्दावन बिहारी…सनातन भक्ति संगीत संध्या में गूंजे भजनों के स्वर: श्री हरिकृष्ण वृद्ध जन सम्मान भवन में भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम

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आगरा। रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल (अन्तर्राष्ट्रीय वृद्ध जन सम्मान समिति) एवम् सुभारत संगीत निकेतन, सिकंदरा के संयुक्त तत्वावधान में पवित्र पुरुषोत्तम अधिक मास के शुभ अवसर पर “सनातन भक्ति संगीत संध्या” का दूसरा आयोजन श्री हरिकृष्ण वृद्ध जन सम्मान भवन, पश्चिम पुरी सिकंदरा में संपन्न हुआ था।

शुभारंभ भगवान श्री राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जलन एवम् समाजसेवी हरिकृष्ण गुप्ता के चित्र पर माल्यार्पण द्वारा वृद्धजन सम्मान समिति के संस्थापक एवं सेवा प्रमुख डॉ. गिरीश गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. वी. डी. अग्रवाल, सुभारत संगीत निकेतन के संस्थापक पं. देवाशीष गांगुली, मंजू गुप्ता, पुष्पांजलि नर्सिंग कॉलेज के राजेश गुप्ता, नूतन गुप्ता, संस्कार भारती के महानगर महामंत्री ओम स्वरूप गर्ग, राजीव सिंघल, संगीत निकेतन के सचिव शुभाशीष गांगुली, संजीव मिश्रा, समृद्धि सिंह ने किया।

सनातन भक्ति संगीत संध्या में गायकों और नृत्य कलाकारों ने कवियों की भक्ति रचनाओं की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

संगीत संध्या में देवाशीष गांगुली के निर्देशन में संगीत डिप्लोमा के विद्यार्थियों में समृद्धि सिंह ने राम आयेंगे आयेंगे राम आयेंगे, मेरी झोपड़ी के भाग खुल जाएंगे राम आएंगे…भजन सुनाया। रियान खान, प्रशांत परिहार ने सजा दो घर को गुलशन से अवध में राम आए हैं…भजन सुनाया। बिंदु सत्संगी ने गांठ पड़े पिया बोले ना हमसे…राधा स्वामी भाव भजन सुनाया। सूर्यांश पाठक ने बांसुरी वादन किया। चित्रा गोयल, राजेश कुमार ने मीराबाई का भजन सुनाया।

रागिनी जैन, प्रतिक्षा जैन ने जैन भजन की प्रस्तुति की। निशा गोस्वामी ने रामचरित मानस के पदों का गायन किया।

निखिल कुलश्रेष्ठ ने फूलों में सज रहे हैं श्री वृन्दावन बिहारी, और साथ सज रही हैं वृषभानु की दुलारी…भजन सुनाया। योगेश्व राय ने शिव स्तुति प्रस्तुत की। वैभव शर्मा, कपिल सागर, शांभवी ठाकुर, उत्कर्ष तिवारी ने गुरु बिन किस विधि ज्ञान मैं पाऊं…की राग यमन में बंदिश प्रस्तुत की। पूजा अग्रहरि ने सुनाया मीठे रस से भरियो री राधा रानी लागे…। तबला संगत प्रशांत अदक व शुभाशीष गांगुली ने की।

पुष्पांजली नर्सिंग स्कूल की छात्राओं अवंतिका, रिया और दीक्षा ने भी राधा कृष्ण, श्री राम सीता और लक्ष्मण जी के स्वरूप में समृद्धि सिंह के लोकप्रिय भजन के साथ सुंदर भाव नृत्य प्रस्तुत किया। एत्मादपुर से कीर्ति कुमारी ने दुर्गा नृत्य। प्रस्तुत किया। महक, अवनी, मोनिका, वंशिका की कठिन योग मुद्राओं की प्रस्तुति ने सबको प्रभावित किया। कवि डा. रामेंद्र शर्मा रवि और आचार्य उमाशंकर पाराशर की प्रभावशाली काव्य प्रस्तुति रही।

इस अवसर पर विजय पाठक, मनोज सिंह, कवि महेश शर्मा गोपाली आदि उपस्थित रहे। अतिथियों को सुभारत सम्मान पत्र और कलाकारों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। मंच संचालन प्रतिक्षा जैन ने किया। धन्यवाद पं. देवाशीष गांगुली संगीतेश ने दिया। उन्होंने बताया आगामी रविवार 31 मई रविवार को सायं 6 बजे से तृतीय सनातन भक्ति संगीत संध्या का कार्यक्रम होगा।