आगरा। यमुना किनारा स्थित श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के ऐतिहासिक पुष्टिमार्गीय मंदिर में इस वर्ष पुरुषोत्तम मास (मलमास) के पावन अवसर पर भक्ति, आस्था और सनातनी परंपरा का एक बेहद अद्भुत संगम देखने को मिलने वाला है। आगामी 17 मई से 16 जून 2026 तक चलने वाले इस एक महीने के अखंड धार्मिक महोत्सव में प्रतिदिन ब्रज संस्कृति के विभिन्न उत्सवों का आयोजन किया जाएगा तथा ठाकुर जी को अत्यंत मनोरम व भव्य फूल बंगलों में विराजमान किया जाएगा। इस दिव्य महोत्सव के आधिकारिक आमंत्रण पत्र का विमोचन यमुना किनारा स्थित प्रसिद्ध यमुना आरती स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच श्रद्धा भाव से संपन्न हुआ।
350 वर्षों से चली आ रही है यह अनूठी वैष्णव परंपरा
मंदिर के महंत नन्दन श्रोत्रिय और विख्यात संस्कृति कर्मी ब्रज खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि यह आगरा का एकमात्र और सबसे प्राचीन वैष्णव संप्रदाय का पुष्टिमार्गीय मंदिर है, जहां पिछले लगभग 350 वर्षों से पुरुषोत्तम मास के दौरान एक बेहद अनूठी परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है।
इस एक महीने के भीतर हिंदू कैलेंडर के वर्षभर के सभी प्रमुख त्योहारों का क्रमिक आयोजन किया जाता है। यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ब्रज की जीवंत सांस्कृतिक पहचान भी है। इस दिव्य आयोजन का भव्य शुभारंभ 17 मई (रविवार) को विशेष ‘पटोत्सव’ के साथ होने जा रहा है।
दिल्ली-कोलकाता के खास फूलों से महकेगा दरबार; दर्शन की टाइमिंग नोट करें
भीषण गर्मी के इस मौसम में ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था रहेगी। ठाकुर जी को प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार के पुष्पों से निर्मित भव्य बंगले में विराजित किया जाएगा।
इसके लिए देश की राजधानी दिल्ली, अजमेर और कोलकाता सहित विभिन्न राज्यों से विशेष, सुगंधित और दुर्लभ पुष्प मंगाए जा रहे हैं। इन फूलों की प्राकृतिक सुगंध और शीतलता से पूरा मंदिर परिसर चिलचिलाती गर्मी में भी पूरी तरह वातानुकूलित, शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत बना रहेगा।
एक ही महीने में जीवंत होंगे होली, दीपावली और रक्षाबंधन जैसे पर्व
महंत जुगल किशोर श्रोत्रिय और डॉ. हरेन्द्र गुप्ता ने बताया कि इस पुरुषोत्तम मास में प्रभु श्रीनाथ जी की पुष्टिमार्गीय सेवा पद्धति के अंतर्गत वर्षभर के सभी प्रमुख त्योहारों जैसे रक्षा बंधन, होली, दीपावली, भाई दूज और हरियाली तीज का प्रतीकात्मक एवं बेहद भव्य आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन भक्त एक नए उत्सव के साक्षी बन सकेंगे। आयोजन समिति ने सभी कृष्ण भक्तों और क्षेत्रीय जनता से अपील की है कि वे इस अलौकिक आयोजन में सम्मिलित होकर ब्रज की प्राचीन परंपरा और संस्कृति को आत्मसात करें।
दूध और पुष्पों से यमुना पूजन के साथ हुआ मंगल आगाज
इस महामहोत्सव के शुभारंभ से पूर्व शनिवार को सभी सेवादारों और श्रद्धालुओं द्वारा पतित पावनी यमुना मैया का दूध, जल और सुगंधित पुष्पों से विधि-विधान से पूजन किया गया, जिसके बाद मां यमुना की भव्य आरती उतारी गई। इस दौरान पूरा घाट ‘जय यमुना मैया’ और ‘ठाकुर मथुराधीश की जय’ के उद्घोष से गूंज उठा।
इस विमोचन और पूजन कार्यक्रम के अवसर पर जगन प्रसाद तेरीया, रोहित गुप्ता, सुरेंद्र सिंह, अपला शर्मा, सूर्या श्रोत्रिय, चतुर्भुज तिवारी, राहुल राज, दीपक राजपूत, निधि पाठक, पद्मिनी ताजमहल, मीरा खंडेलवाल और बल्लभ अभिनव श्रोत्रिय सहित भारी संख्या में वैष्णव जन और स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।


