मुंबई (अनिल बेदाग)। भारतीय समाज में घर और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते महिलाएं अक्सर अपनी खुद की सेहत और शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं। इसी पारंपरिक सोच को बदलने और महिलाओं को समय रहते नियमित स्वास्थ्य जांच व निवारक देखभाल (Preventive Care) के प्रति जागरूक करने के बड़े उद्देश्य के साथ ‘सूर्या हॉस्पिटल्स’ ने एक बेहतरीन कदम उठाया है।
अस्पताल ने पूरी तरह से महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए समर्पित एक अत्याधुनिक “ऐम्बर विंग” (Amber Wing) का भव्य शुभारंभ किया है। इस खास और गरिमामयी अवसर पर बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री यामी गौतम धर ने भी इस अनूठी पहल से जुड़कर देश की सभी महिलाओं से अपनी सेहत को पहली प्राथमिकता देने की बेहद भावुक अपील की।
55 नए बेड्स और रोबोटिक सर्जरी जैसी एडवांस मेडिकल तकनीक से लैस
सूर्या हॉस्पिटल्स का यह नया ‘ऐम्बर विंग’ महिलाओं को बेहद उन्नत और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। 55 अतिरिक्त बेड की क्षमता वाले इस आधुनिक विंग में महिलाओं के लिए कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), रोबोटिक सर्जरी, ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग), कॉस्मेटिक सर्जरी और क्रिटिकल केयर जैसी बेहद संवेदनशील और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। इसी विंग के उद्घाटन के साथ ही अस्पताल प्रबंधन ने ‘द ऐम्बर प्रॉमिस फॉर विमेंस हेल्थ’ नामक एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान की भी शुरुआत की है, जिसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं में समय पर इलाज और रूटीन हेल्थ चेकअप की आदत को बढ़ावा देना है।
”महिलाएं परिवार से पहले खुद का ख्याल रखना सीखें” – यामी गौतम धर
इस सामाजिक और स्वास्थ्य केंद्रित पहल का हिस्सा बनने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए अभिनेत्री यामी गौतम धर ने कहा, “यह एक कड़वा सच है कि महिलाएं हमेशा अपने परिवार और बच्चों को आगे रखती हैं, जिसके कारण उनकी खुद की सेहत बहुत पीछे छूट जाती है। गंभीर बीमारियों से बचने के लिए समय पर की गई जांच और निवारक देखभाल बेहद जरूरी है। मुझे बेहद गर्व है कि मैं एक ऐसी बेहतरीन मुहिम का हिस्सा बनी हूँ जो महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति न सिर्फ जागरूक कर रही है, बल्कि उन्हें सचेत भी कर रही है।”
वहीं, सूर्या हॉस्पिटल्स के दूरदर्शी संस्थापक डॉ. भूपेंद्र एस. अवस्थी ने अस्पताल के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा, “हमारा एकमात्र उद्देश्य महिलाओं को एक ऐसा सुरक्षित, संवेदनशील और विश्वस्तरीय माहौल देना है जहां उन्हें अपनी हर छोटी-बड़ी बीमारी का सटीक इलाज एक ही छत के नीचे मिल सके।”


