गौतमबुद्ध नगर/उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज के विरुद्ध की गई कथित अमर्यादित और अभद्र टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस बयान को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों और गणमान्य नागरिकों में तीव्र रोष व्याप्त है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा समेत जिला ब्राह्मण महासभा ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए सपा नेतृत्व से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ओछी मानसिकता समाज में फैला रही विद्वेष: रमाशंकर शर्मा
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमाशंकर शर्मा ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राजकुमार भाटी जैसे नेताओं की मानसिकता ओछी है, जो समाज में जातिगत विद्वेष और विघटन पैदा करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति का धर्म समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि जातियों के बीच नफरत फैलाना।
श्री शर्मा ने सीधे तौर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मांग की है कि राजकुमार भाटी को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “यदि सपा प्रमुख ऐसे नेताओं पर लगाम नहीं लगाते हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि भाजपा की तरह समाजवादी पार्टी भी ब्राह्मण विरोधी मानसिकता रखती है। ब्राह्मण समाज जागरूक है और आने वाले समय में ऐसी शक्तियों को सबक सिखाने में पूरी तरह सक्षम है।”
एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग, सड़कों पर उतरने का एलान
दूसरी ओर, जिला ब्राह्मण महासभा के महामंत्री पंडित पवन कुमार शर्मा ने भी इस टिप्पणी पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आए दिन कुछ लोग चर्चा में रहने के लिए ब्राह्मण समाज को निशाना बनाते हैं और अभद्र टिप्पणियों के जरिए अपमानित करने का प्रयास करते हैं। पवन कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि ऐसे तत्वों को समाज में खुलेआम घूमने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने घोषणा की है कि वे शीघ्र ही पुलिस कमिश्नर और अन्य उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपेंगे। उनकी मांग है कि राजकुमार भाटी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
महासभा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो ब्राह्मण समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरेगा और एक बड़ा आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगा।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि राजनीतिक गलियारों में सक्रिय रहने वाले राजकुमार भाटी के एक हालिया बयान को ब्राह्मण समाज की अस्मिता से जोड़कर देखा जा रहा है। इस विवाद ने अब जातीय और राजनीतिक रंग ले लिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी विशेष जाति को अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है।

