राहुल-अखिलेश पर हमलावर हुए यूपी के दोनों डिप्टी सीएम, बोले- नकारात्मक राजनीति कर रहा विपक्ष

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेशी मुद्रा बचाने और संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए दोनों नेताओं ने इसे “नकारात्मक राजनीति” करार दिया है।

​केशव मौर्य: “देशभक्ति की कसौटी पर विफल विपक्ष”

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर विपक्षी जुगलबंदी पर कड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव वैश्विक संकट के इस दौर में भी अपनी पुरानी आदत के अनुसार राजनीति कर रहे हैं। मौर्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “इन दोनों नेताओं को देशद्रोही तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन उनकी बयानबाजी ऐसी भी नहीं है जिसे देशभक्ति के योग्य माना जा सके।”

उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि यदि ऐसे नेता भारत-पाक युद्ध के समय होते, तो वे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ के ऐतिहासिक नारे को भी निरर्थक बना देते। उन्होंने भरोसा जताया कि देश की जनता को राहुल-अखिलेश पर नहीं, बल्कि पीएम मोदी के निर्णयों और राष्ट्रहित की भावना पर पूरा विश्वास है।

​ब्रजेश पाठक: “नकारात्मकता और कुंठा का परिचय दे रहा विपक्ष”

दूसरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की राजनीति पूरी तरह नकारात्मकता से घिर चुकी है।

पाठक के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने देशहित में संसाधनों के सीमित उपयोग और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए जनता से एक विनम्र अपील की थी, लेकिन विपक्ष ने इसे भी राजनीतिक मुद्दा बना दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की हताशा और निराशा अब अनर्गल बयानबाजी के रूप में सामने आ रही है।

​प्रधानमंत्री की अपील के मुख्य बिंदु और संकल्प

उन्होंने आगे लिखा, प्रधानमंत्री जी ने प्रिय देशवासियों से अपनी अपील में स्पष्ट किया है कि जहां तक संभव हो, Work From Home को प्राथमिकता दें। एक साल तक सोना खरीदने से बचें। पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए मेट्रो से सफर करें। पार्सल रेल से भेजें और कार का कम इस्तेमाल करें। खाने के तेल का भी कम उपयोग करें। रासायनिक खाद का इस्तेमाल आधा करें और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें। विदेशी ब्रांडेड उत्पादों का उपयोग कम करें और स्वदेशी को अपनाएं एवं एक साल तक विदेशों की यात्रा कम करें।

आइए, हम सब मिलकर तेल आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने का संकल्प लें। हफ्ते में एक दिन कारपूल करना हो या EV अपनाना, आपका हर छोटा कदम देशहित में बड़ा योगदान है। गैस चूल्हे की जगह इंडक्शन का उपयोग और घर पर सोलर पैनल लगाना एक बेहतरीन शुरुआत हो सकती है।