आगरा: ताजनगरी के थाना सिकंदरा क्षेत्र में एक युवती को नौकरी दिलाने के बहाने डिजिटल ठगी के जाल में फंसाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने युवती का विश्वास जीतकर न केवल उसके नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए, बल्कि उन खातों का इस्तेमाल अवैध ट्रांजैक्शन और दूसरों से ठगी करने के लिए किया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी रजत के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नौकरी के नाम पर बैंक खातों का खेल
पीड़िता के अनुसार, आरोपी रजत ने उसे एक प्रतिष्ठित जगह नौकरी दिलाने का वादा किया था। प्रक्रिया का हिस्सा बताकर उसने युवती के नाम पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवा दिए। आरोपी ने युवती को भरोसा दिलाया कि ये खाते केवल सैलरी और कंपनी के कागजी कामकाज के लिए हैं। हालांकि, असलियत तब सामने आई जब इन खातों में अनजान लोगों से बड़ी रकम आने लगी और आरोपी ने एटीएम कार्ड व चेकबुक अपने कब्जे में ले ली।
विरोध करने पर मिला मौत का खौफ
जब युवती को एहसास हुआ कि उसके खातों का इस्तेमाल किसी गलत काम के लिए हो रहा है और उसने अपने दस्तावेज वापस मांगे, तो आरोपी ने अपना असली रंग दिखाया। आरोप है कि रजत ने युवती को चुप रहने और पुलिस के पास न जाने की हिदायत देते हुए जान से मारने की धमकी दी। डरी-सहमी युवती ने साहस जुटाकर थाना सिकंदरा में न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस की जांच और चेतावनी
सिकंदरा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धोखाधड़ी और धमकी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों के ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने लोगों से ठगी की गई है।
यह मामला उन युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो नौकरी की तलाश में अपनी पहचान पत्र (ID) और बैंक विवरण किसी अनजान व्यक्ति को सौंप देते हैं। पुलिस ने अपील की है कि बैंक खातों और ओटीपी के मामले में विशेष गोपनीयता बरतें।


