World Press Freedom Day 2026: सच बोलने वालों पर हमले बर्दाश्त नहीं… 157वीं रैंक का हवाला देकर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा

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नई दिल्ली। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भारत में मीडिया की आज़ादी और पत्रकारों की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2026’ (World Press Freedom Index 2026) का हवाला देते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है, जिसमें भारत को 180 देशों की सूची में 157वें स्थान पर रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रेस की स्थिति को ‘गंभीर’ (Serious) श्रेणी में डाला गया है।

​लोकतंत्र की आवाज़ पर हमला: कांग्रेस

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर कांग्रेस ने एक पोस्ट के ज़रिए पत्रकारों का समर्थन किया। पार्टी ने कहा कि एक स्वतंत्र प्रेस ही लोकतंत्र की असली आवाज़ होती है, लेकिन वर्तमान में इस आवाज़ को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह उन सभी निडर पत्रकारों के साथ खड़ी है जो सत्ता के सामने सच बोलने का साहस रखते हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

​विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का इतिहास

हर साल 3 मई को मनाया जाने वाला यह दिन दुनिया भर की सरकारों को प्रेस की आज़ादी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता याद दिलाने का एक वैश्विक अवसर है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1993 में इसकी आधिकारिक घोषणा की थी। यह दिन 1991 के ‘विंडहोक घोषणापत्र’ (Windhoek Declaration) की याद दिलाता है, जिसे अफ्रीकी पत्रकारों ने प्रेस की स्वतंत्रता और बहुलवाद को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया था। यह घोषणापत्र आज भी दुनिया भर में मीडिया की आज़ादी का सबसे बड़ा मानदंड माना जाता है।

​पत्रकारों के अधिकारों और शहादत को सम्मान

यह विशेष दिन न केवल प्रेस की आज़ादी की समीक्षा करने का अवसर है, बल्कि उन बहादुर पत्रकारों को श्रद्धांजलि देने का भी दिन है जिन्होंने अपनी ड्यूटी निभाते हुए अपनी जान गंवा दी। कांग्रेस ने इन्हीं वैश्विक मानकों और भारत की गिरती रैंकिंग का ज़िक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।

157वीं रैंकिंग ने एक बार फिर भारत में अभिव्यक्ति की आज़ादी और पत्रकारिता के सुरक्षा तंत्र पर नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस का यह हमला न केवल राजनीतिक है, बल्कि लोकतंत्र में चौथे स्तंभ की मज़बूती के लिए एक चेतावनी भी माना जा रहा है।