आगरा में मंगलामुखियों का ‘महाक्रोध’: मतदाता सूची से कटे नाम, 300 से घटकर रह गई सिर्फ 82 संख्या

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आगरा: ताजनगरी के मंगलामुखी समुदाय (किन्नर समाज) में इन दिनों भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार के ‘ट्रांसजेंडर बिल 2026’ के विरोध की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि आगरा की नई मतदाता सूची ने उनके गुस्से को फिर से भड़का दिया है। जिले की मतदाता सूची में मंगलामुखियों की संख्या घटकर केवल 82 रह गई है, जिससे उनके मताधिकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

प्रशासनिक अभियान पर उठे गंभीर सवाल

मंगलामुखियों के हितों की लड़ाई लड़ रही राधिका मंगलामुखी इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचीं। उन्होंने जिलाधिकारी (DM) आगरा से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। राधिका ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से चलाए गए एस.आई.आर. (SIR) अभियान के दौरान कागजी औपचारिकताओं और जटिल फॉर्मेलिटी के चलते बड़ी संख्या में मंगलामुखी अपने नाम अपडेट नहीं करा पाए, जिसका परिणाम यह हुआ कि उनके नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गए।

​300 से घटकर 82: कहाँ गए बाकी मंगलामुखी?

राधिका मंगलामुखी ने सांख्यिकीय विसंगतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, “आगरा जिले की वोटर लिस्ट में पहले हमारी संख्या लगभग 300 हुआ करती थी, लेकिन अब यह सिमटकर केवल 82 रह गई है। क्या प्रशासन यह मानता है कि पूरे आगरा जिले में केवल इतने ही मंगलामुखी हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन मिलकर उन्हें देश की सरकार चुनने के बुनियादी अधिकार से वंचित रख रहे हैं।

​सरकार को दी चेतावनी

समुदाय का कहना है कि एक तरफ सरकार उन्हें मुख्यधारा में लाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उनकी पहचान और अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि मतदाता सूची में सुधार के लिए विशेष कैंप लगाए जाएं और कागजी कार्रवाई को सरल किया जाए ताकि समुदाय का हर व्यक्ति अपना वोट डाल सके।