​’मुझे बोलने क्यों नहीं दिया जा रहा?’ : चीन मुद्दे पर LOP राहुल गांधी और सत्ता पक्ष में तीखी नोकझोंक, सदन में जबरदस्त गतिरोध

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नई दिल्ली। लोकसभा के बजट सत्र में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के कथित मेमोयर को लेकर सियासी टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा। भारत-चीन सीमा मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने दिखे। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार दूसरे दिन इस विषय को उठाने की कोशिश की, जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई।

सीमा विवाद पर चर्चा की मांग से बढ़ा तनाव

सदन की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी ने भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठाना चाहा, लेकिन पीठासीन ने उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं दी और अगली सूची के वक्ताओं के नाम पुकार लिए। इसे लेकर विपक्षी दलों ने नाराजगी जताई। समाजवादी पार्टी, टीएमसी और अन्य दलों के सांसदों ने भी बोलने से इनकार कर दिया।

देखते ही देखते माहौल गरमा गया। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए और कुछ सांसदों ने आसन की ओर कागज भी उछाले। शोर-शराबे के बीच कार्यवाही चलाना मुश्किल हो गया, जिसके बाद पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदन को तीन बजे तक स्थगित कर दिया।

लेख की प्रति सदन में रखी

इससे पहले राहुल गांधी ने उस लेख की प्रमाणित प्रति सदन में पेश की, जिसमें जनरल नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों का जिक्र बताया गया है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले जब उन्होंने इस विषय पर बोलना शुरू किया था, तब स्पीकर ने लेख को प्रमाणित करने को कहा था। उसी निर्देश के तहत उन्होंने दस्तावेज सदन में रखा।

राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला

राहुल गांधी ने कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर अपनी बात रखना चाहते हैं। उनके मुताबिक राष्ट्रपति के अभिभाषण में भी भारत के सामने मौजूद अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का जिक्र था, खासकर चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का। उन्होंने कहा कि भारत-चीन संबंध और इस पर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया जैसे सवालों पर चर्चा जरूरी है।
उन्होंने यह भी पूछा कि जब विषय राष्ट्रीय हित से जुड़ा है तो उन्हें अपनी बात रखने से क्यों रोका जा रहा है।

विपक्ष का सामूहिक विरोध

जब राहुल गांधी अपनी बात पर डटे रहे, तब स्पीकर ने अन्य सदस्यों को बोलने के लिए बुलाया। लेकिन विपक्ष के कुछ सांसदों ने समर्थन जताते हुए अपनी बारी छोड़ दी। नरेश उत्तम पटेल, शताब्दी राय और डीएम खातिर आनंद ने बोलने से इनकार किया। इसके बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।