आगरा। केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इसे विकास, निवेश और रोज़गार को गति देने वाला बजट बताया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने इसे आम आदमी से दूर और महंगाई-बेरोज़गारी पर कमजोर करार दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाओं से बजट पर अलग-अलग राजनीतिक नजरिया सामने आया है।
‘अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगा बजट’
बीजेपी सांसद नवीन जैन ने बजट को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि इसमें बुनियादी ढांचे पर बड़े निवेश और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन पर ध्यान दिया गया है। उनके मुताबिक युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और नई तकनीक से जुड़े प्रावधान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सहायक होंगे। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और सस्ती दवाओं से जुड़े फैसलों को भी जनहित में बताया।
‘गांव से लेकर युवा तक सबका ध्यान’
आगरा उत्तर से भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि इसमें गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के हितों को ध्यान में रखा गया है। उनके अनुसार यह बजट विकसित भारत की दिशा तय करता है।
‘नई सदी का रोडमैप’
एमएलसी और भाजपा प्रदेश मंत्री विजय शिवहरे ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले भारत की दिशा तय करने वाला रोडमैप है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और आत्मनिर्भरता पर जोर देश को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा।
सपा का विरोध, ‘आम जनता से कटा बजट’
वहीं समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने बजट की आलोचना की। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और घटते रोजगार के बीच बजट में ठोस राहत नहीं दिखती। उन्होंने आरोप लगाया कि दवा, शिक्षा और ईंधन महंगे होते जा रहे हैं, लेकिन बजट में इन पर नियंत्रण की स्पष्ट योजना नहीं है।
शब्बीर अब्बास के अनुसार किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग को इस बजट से उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
कुल मिलाकर बजट 2026–27 पर राजनीतिक खींचतान जारी है। सत्तापक्ष इसे विकास का आधार बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे जमीनी जरूरतों से दूर बता रहा है। आने वाले समय में इसके असर पर बहस और तेज होने की संभावना है।

