सोनभद्र। जिले में रामलीला मंचन के दौरान हुआ एक हादसा अब कानूनी विवाद में बदल गया है। राम-रावण युद्ध के दृश्य में चला तीर मुकुट गिराने के बजाय रावण की भूमिका निभा रहे कलाकार की आंख में जा लगा। घायल कलाकार ने इलाज के बाद राम की भूमिका निभाने वाले कलाकार और अन्य लोगों पर एससी/एसटी एक्ट समेत गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
घटना शाहगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव की है। 13 नवंबर 2025 को गांव में रामलीला का अंतिम दिन था और राम-रावण युद्ध का मंचन चल रहा था। राम का किरदार निभा रहे नैतिक पांडेय को दृश्य के अनुसार तीर से रावण का मुकुट गिराना था, लेकिन निशाना चूक गया और तीर रावण बने सुनील कुमार की बाईं आंख में जा लगा।
मंच पर चल रहे युद्ध के बीच यह हादसा होते ही अफरा-तफरी मच गई। सुनील कुमार की आंख से खून बहने लगा और उन्हें तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर वाराणसी रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी एक आंख की रोशनी चली गई।
सुनील कुमार का आरोप है कि हादसे के बाद उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिली। उनका कहना है कि इलाज के लिए आर्थिक सहयोग मांगने पर उनके साथ अभद्रता, मारपीट और धमकी दी गई। डॉक्टरों की सलाह और इलाज के चलते वे तुरंत शिकायत नहीं कर सके। बाद में दिसंबर के पहले सप्ताह में तहरीर दी गई और 28 जनवरी को मुकदमा दर्ज हुआ।
पीड़ित के मुताबिक अब उनकी एक आंख पूरी तरह खराब है और दूसरी से भी साफ दिखाई नहीं देता। डॉक्टरों ने उन्हें ज्यादा गतिविधियों से बचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इस घटना के बाद वे भविष्य में रामलीला मंचन में भाग नहीं ले पाएंगे।
वहीं नैतिक पांडेय ने इसे दुर्घटना करार दिया है। उनका कहना है कि तीर ऊपर की दिशा में चलाया गया था और किसी को निशाना बनाने का इरादा नहीं था। उन्होंने बताया कि वे पहली बार इस रामलीला में शामिल हुए थे और घायल कलाकार से उनका पहले कोई परिचय नहीं था।
सीओ राहुल पांडेय के अनुसार शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि तीर मुकुट गिराने के लिए चलाया गया था और दोनों कलाकारों के बीच पहले से कोई विवाद नहीं था। रामलीला कमेटी द्वारा इलाज की व्यवस्था कराने की बात भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

