लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली, रमजान और ईद जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों और जारी बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। शनिवार रात हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में सीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सौहार्द बिगाड़ने वाले उपद्रवियों पर ऐसी कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए नजीर बन सके। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जवाबदेह ठहराते हुए कहा कि किसी भी अप्रिय घटना पर संबंधित अफसरों पर गाज गिरना तय है।
अभद्र संगीत और लाउडस्पीकर पर ‘नो टॉलरेंस’
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि होली के दौरान कहीं भी अभद्र गीत-संगीत नहीं बजना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्साह के नाम पर किसी भी वर्ग या समुदाय को नीचा दिखाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने धर्मस्थलों से ‘कानफोड़ू’ लाउडस्पीकरों को संवाद के माध्यम से तत्काल हटाने के निर्देश दिए ताकि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रहे और परीक्षार्थियों को व्यवधान न हो।
सोशल मीडिया पर ‘तीसरी आंख’ की नजर
मुख्यमंत्री ने लोकल इंटेलिजेंस को मजबूत करने और सोशल मीडिया की 24 घंटे निगरानी करने के आदेश दिए हैं। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि त्योहारों और परीक्षाओं के समय प्रदेश में बिजली की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
होली पर ‘ड्यूटी’ का पहरा: घर जाने को तरस रहे शिक्षक
एक तरफ त्योहार का उल्लास है, तो दूसरी तरफ यूपी बोर्ड परीक्षा की गोपनीयता। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव के सख्त आदेश के बाद स्ट्रांग रूम और केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी निभा रहे शिक्षक और प्रधानाध्यापक असमंजस में हैं। आदेश के अनुसार, बिना उच्चाधिकारियों की लिखित अनुमति के कोई भी शिक्षक या अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा।
शिक्षक संघ का विरोध: राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय और महामंत्री अरुण यादव ने इसका विरोध किया है। उनका तर्क है कि 1 से 8 मार्च तक कोई परीक्षा नहीं है, इसलिए शिक्षकों को उनके गृह जनपद जाने की अनुमति मिलनी चाहिए।

