आगरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दयालबाग स्थित मंगलम एस्टेट कॉलोनी में श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन से पूर्व एक भव्य और भक्तिपूर्ण कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा श्रद्धा और दिव्यता का संगम बनी रही।
विधि-विधान से यात्रा का शुभारंभ
कलश यात्रा का शुभारंभ कथा व्यास ममता किशोरी ने विधिवत कलश पूजन के साथ किया। इस अवसर पर ममता किशोरी ने कलश के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश पवित्रता, मंगल और दिव्यता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि कलश यात्राएं न केवल वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती हैं, बल्कि भक्तों के मन में भक्ति और श्रद्धा के भाव को भी जागृत करती हैं।
भक्ति गीतों से गूंजा इलाका
यात्रा का दृश्य अत्यंत मनमोहक था, जिसमें पीत वस्त्र (पीले परिधान) धारण किए महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ सिर पर कलश रखकर सहभागिता की। बैंड-बाजों की धुन और भक्ति गीतों के बीच यह यात्रा मंगलम एस्टेट से शुरू होकर कल्याणी हाइट्स, बांके बिहारी धाम, अपर्णा रेवेन्यू और पुष्पांजलि हाइट्स होते हुए पुनः कथा स्थल यानी मंगलम एस्टेट कॉलोनी पार्क पहुंची।
प्रमुख उपस्थितजन और सहयोग
इस आयोजन में कंचन ढींगरा, सीमा, रीना, शिखा, पूजा, आरती छाबड़ा, संगीता गोयल, रेनू अग्रवाल, प्रिया, वंदना, कनिका, प्रीति तलवार, उषा, आकांक्षा, नीरू, नेहा, इंदु और अमरजीत सहित अनेक महिला श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की सफल व्यवस्थाओं में सी.के. अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, एम.के. माहेश्वरी, विजय पाल राणा, विक्रम, डॉ. पंकज त्रिपाठी, अंकुर, पंकज ढींगरा और उमेश अरोड़ा का विशेष सहयोग रहा।


