घोड़ी चढ़ने का हक़ और 34 साल बाद मिला इंसाफ़: अब कानून ने भी थक कर हाथ खड़े कर दिए ?
पनवारी गांव, आगरा। यह सिर्फ एक जगह का नाम नहीं है, बल्कि उस समाज की एक कड़वी सच्चाई का प्रतीक है, जहाँ घोड़ी चढ़ने का अधिकार भी जाति देखकर तय होता है। 1990 में हुई एक घटना पर 34 साल बाद कोर्ट का फैसला आता है और फिर कुछ ही दिनों में 35 दोषियों को […]
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