10 दिन की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हिजाब विवाद पर फैसला सुरक्षित रखा

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सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम अपीलकर्ताओं का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि “जो लोग आस्तिक हैं उनके लिए यह (हिजाब) आवश्यक है। जो विश्वासी नहीं हैं उनके लिए यह आवश्यक नहीं है।” इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 मार्च को कर्नाटक सरकार के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया था।

उन्हें शौक है तुम्हें बेपर्दा देखने…: वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े

सुप्रीम कोर्ट में बहस के लास्ट में वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने शेर पढ़ा, जिसमें उन्होंने कहा “उन्हें है शौक तुम्हें बेपर्दा देखने का तुम्हें शर्म आती हो तो अपनी आंखों पर हथेलियां रख लो।”

हिजाब पहनने पर किसके मौलिक अधिकारों का हुआ हनन: वकील अहमदी

याचिकाकर्ता छात्राओं की ओर से दलील पेश कर रहे वकील अहमदी ने कहा कि सरकार दलीलों के माध्यम से यह नहीं बता पा रही है कि मुस्लिम लड़कियों के द्वारा हिजाब पहनने पर किसके मौलिक अधिकारों हनन हुआ है? पब्लिक ऑर्डर व लॉ ऑर्डर पर कैसे इसका असर हुआ? इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि जब कोई लड़की हिजाब पहनती है तो कोई दूसरा क्यों भड़का? उन्होंने हिजाब पर सरकार के द्वारा प्रतिबंध लगाने के आदेश को अवैध बताया।

सुप्रीम कोर्ट हिजाब विवाद में जल्द सुना सकता है फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिन चली सुनवाई के बाद हिजाब विवाद पर अपना फैसला सुरक्षित तो रख लिया है, लेकिन अभी फैसले के तारिख की घोषणा नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस हेमंत गुप्ता 16 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं, इसलिए माना जा रहा है कि जल्द ही कर्नाटक हिजाब विवाद पर फैसला आ सकता है।

-एजेंसी

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