आगरा। आज के दौर में जब छोटी-छोटी चीजों के लिए लोगों का एक-दूसरे पर भरोसा कम होता जा रहा है, आगरा के एक ऑटो चालक ने ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता की एक ऐसी कहानी लिखी है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन गई है। ‘सोल्जर्स ऑफ सोसाइटी’ (SOS) के सदस्य और ऑटो चालक सतीश राजपूत ने अपनी सूझबूझ से एक यात्री का खोया हुआ सामान उसे सकुशल लौटाकर इंसानियत को फिर से स्थापित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतना (मध्य प्रदेश) के निवासी राकेश मिश्रा किसी काम से आगरा आए हुए थे। सफर के दौरान अनजाने में उनका बैग ऑटो में ही छूट गया। कुछ देर बाद जब ऑटो चालक सतीश राजपूत की नजर उस बैग पर पड़ी, तो उन्होंने बिना किसी देरी के अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए उसे सुरक्षित रखा। सतीश ने बिना समय गंवाए अपना ऑटो वापस स्टेशन की ओर मोड़ा, ताकि वे यात्री को तलाश कर उनका सामान उन तक पहुँचा सकें।
उधर, स्टेशन पहुँचने पर जब राकेश मिश्रा को अपने बैग के गायब होने का अहसास हुआ, तो उनके होश उड़ गए। वह हताश होकर ऑटो को ढूँढने लगे। इसी आपाधापी के बीच उनकी मुलाकात सतीश राजपूत से हुई, जो स्टेशन के बाहर यात्री को ही ढूंढ रहे थे। सतीश ने जैसे ही राकेश मिश्रा को बैग वापस सौंपा, यात्री की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस पाकर राकेश मिश्रा ने राहत की सांस ली और सतीश की इस नेकदिली की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उन्हें दिल से धन्यवाद दिया।
इस सराहनीय कार्य की जानकारी मिलते ही ‘सोल्जर्स ऑफ सोसाइटी’ के निदेशक डॉ. नवीन गुप्ता ने सतीश राजपूत की सराहना की है। उन्होंने कहा, “आज के समय में सतीश जैसे लोगों का होना समाज के लिए एक बड़ा संदेश है। यह ईमानदारी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि पूरे आगरा शहर और हमारे SOS परिवार के लिए गर्व का विषय है।” डॉ. गुप्ता ने सतीश राजपूत को उनके इस संवेदनशील और अनुकरणीय कार्य के लिए हार्दिक साधुवाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


