आगरा में ‘सनातन समागम’: धर्म रक्षा और सामाजिक एकजुटता का गूंजा संदेश, 600 से ज्यादा सनातनी बंधुओं ने लिया संकल्प

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आगरा। सनातन मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सनातन रक्षा ट्रस्ट’ द्वारा बोदला स्थित होटल जेएमएस इन में एक भव्य “सनातन समागम” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 600 लोगों ने भाग लेकर सनातन संस्कृति के प्रति अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया।

​एकजुटता और सेवा का संकल्प

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं प्रभु श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सनातन रक्षा ट्रस्ट के समन्वयक डॉ. अनुराग शर्मा ने ट्रस्ट की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शहर भर में आयोजित किए जा रहे ये ‘सनातन मिलन’ समाज को एकजुट करने और गौरवशाली संस्कृति के प्रति युवाओं को जागरूक करने का एक सार्थक प्रयास है।

सनातन जीवन जीने की पद्धति: डॉ. मोहित आर्य

मुख्य वक्ता के रूप में सेंट जॉन्स कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. मोहित आर्य ने कहा कि सनातन केवल एक प्राचीन परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने का वह दर्शन है जो पूरे विश्व को एक सूत्र में बांधने की क्षमता रखता है। वहीं, विकास गुप्ता ‘सियाराम’ ने युवाओं को संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि संगठित समाज ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव है।

परिवारों में संस्कार स्थापना पर जोर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एडवोकेट डॉ. हेमेंद्र पाठक ने कहा कि सनातन की शुरुआत घर और परिवार से होती है। उन्होंने समाज को गैर-सनातनी गतिविधियों के प्रति सजग रहने और अगली पीढ़ी को संस्कारित वातावरण देने का आह्वान किया। साथ ही, श्री भवेंद्र जी ने मंदिरों को सामाजिक संवाद का केंद्र बनाने पर विशेष जोर दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सम्मान समारोह

समागम में अवनी सारस्वत और सात वर्षीय सरिशा मल्होत्रा की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। वहीं, कवि सचिन दीक्षित ‘सारंग’ और सचिन जैन की राष्ट्रवादी कविताओं ने उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में अतिथियों और बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में अशोक तोमर, श्याम तिवारी, सुधीर टंडन, मनोज सबनानी, साकेत भूषण और अन्य कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में साकेत भूषण द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।