रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की कानूनी मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। दो पैन कार्ड मामले में सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सरकार की अपील को स्वीकार कर लिया है और आजम खां की सजा को 7 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दिया है।
जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी
सेशन कोर्ट ने केवल कारावास की अवधि ही नहीं बढ़ाई, बल्कि आर्थिक दंड (जुर्माने) में भी भारी इजाफा किया है। आजम खां पर अब 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जो पहले 50 हजार रुपये था। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की सजा (7 वर्ष) को बरकरार रखा गया है, लेकिन उनके जुर्माने की राशि को 50 हजार से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दिया गया है।
क्या था मामला?
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड रखने के मामले में दोषी करार देते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई थी। इस निर्णय के खिलाफ बचाव पक्ष ने सजा कम करने के लिए अपील की थी, जबकि अभियोजन पक्ष ने सजा को और कठोर बनाने की मांग की थी। दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद, शनिवार को सेशन कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सजा बढ़ाने का आदेश दिया।
हेट स्पीच मामले में भी जारी है सजा
गौरतलब है कि आजम खां पहले से ही कानूनी बाधाओं से घिरे हुए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी पर की गई विवादित टिप्पणी (‘तनखैया’ और जूते साफ कराने संबंधी बयान) के मामले में उन्हें पहले ही दो साल की कैद और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में लगातार बढ़ रही सजाओं और जुर्माने के फैसले ने आजम खां परिवार की राजनीतिक और व्यक्तिगत चुनौतियां काफी बढ़ा दी हैं।


