आगरा में ‘किडनैपिंग’ की खबर से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, जांच में खुला राज— बर्थडे पार्टी के लिए दोस्तों संग कार से गई थी युवती

स्थानीय समाचार

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना रकाबगंज क्षेत्र से सोमवार की दोपहर एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई, जिसने कुछ ही घंटों के भीतर पूरे पुलिस महकमे को दौड़ने पर मजबूर कर दिया। क्षेत्र के सुप्रसिद्ध बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय के ठीक बाहर से एक युवती के कथित तौर पर सरेराह ‘अपहरण’ (किडनैपिंग) होने की सनसनीखेज सूचना फ्लैश हुई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

राहगीरों और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा तत्काल आपातकालीन सेवा डायल-112 पर दी गई इस खौफनाक सूचना के बाद पुलिस के आला अधिकारी और रकाबगंज थाना पुलिस तुरंत एक्टिव मोड में आ गई। हालांकि, पुलिस की बेहद गहन और त्वरित पड़ताल के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने पुलिस और आम जनता दोनों को बड़ी राहत दी। यह पूरा मामला अपहरण का नहीं, बल्कि महज एक बड़ी गलतफहमी और अफवाह का निकला।

सफेद पोलो कार में जबरन ले जाने की मिली थी सूचना, कॉलेज के बाहर मची थी अफरा-तफरी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर रकाबगंज पुलिस को सूचना मिली कि बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय के गेट के पास एक सफेद रंग की पोलो कार आकर रुकी।

प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि उस कार में पहले से ही कुछ युवक और एक महिला सवार थे, जिन्होंने वहां खड़ी एक युवती को बेहद जल्दबाजी और संदिग्ध परिस्थितियों में कार के भीतर बैठाया और गाड़ी लेकर तेजी से रकाबगंज चौराहे की तरफ भाग निकले। चूंकि यह पूरी घटना एक गर्ल्स कॉलेज के ठीक बाहर सरेआम घटित हुई थी, इसलिए वहां मौजूद अन्य छात्र-छात्राओं, दुकानदारों और राहगीरों ने इसे जबरन अपहरण की वारदात समझ लिया और बिना पूरी सच्चाई जाने तुरंत इसकी लाइव सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दे दी।

सीसीटीवी कैमरों के जाल और कार नंबर की ट्रेसिंग से चंद घंटों में खुला राज

मामला महिला सुरक्षा और गर्ल्स कॉलेज से जुड़ा होने के कारण थाना रकाबगंज पुलिस भारी फोर्स के साथ बिना एक भी पल गंवाए तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने सबसे पहले कॉलेज के मुख्य द्वार और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस को उस सफेद पोलो कार का स्पष्ट नंबर मिल गया।

इस नंबर के आधार पर पुलिस ने आरटीओ (RTO) डेटाबेस से तत्काल वाहन स्वामी का नाम, पता और मोबाइल नंबर ट्रेस किया और बेहद पेशेवर तरीके से संबंधित लोगों तक अपनी सीधी पहुंच बनाई। पुलिस की इस त्वरित घेराबंदी के दौरान जो सच्चाई सामने आई, उसने पूरी गुत्थी को सुलझा दिया।

वास्तव में वह युवती अपनी ही एक सहेली की बर्थडे पार्टी (जन्मदिन समारोह) की तैयारियों और खरीदारी के लिए अपने बेहद करीबी परिचितों व दोस्तों के साथ स्वेच्छा से कार में बैठकर बाजार जा रही थी। कार में सवार सभी युवक-युवतियां एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह से जानते थे और वहां किसी भी प्रकार की कोई जबरदस्ती, मारपीट या आपराधिक कृत्य घटित नहीं हुआ था।

सभी पक्ष पूरी तरह बालिग, थाना प्रभारी ने की अफवाहों से बचने की अपील

पुलिस द्वारा की गई कड़ाई से पूछताछ और काउंसलिंग के दौरान यह पूरी तरह से स्पष्ट और प्रमाणित हो गया कि कार में मौजूद युवती और उसके साथ सफर कर रहे अन्य सभी युवक-युवतियां पूर्ण रूप से बालिग (वयस्क) हैं। स्वयं युवती ने भी मजिस्ट्रेट और महिला पुलिस कर्मियों के समक्ष दिए बयान में किसी भी प्रकार की जबरदस्ती, छेड़खानी, धमकी या अपहरण जैसी किसी भी अप्रिय घटना से साफ तौर पर इनकार किया है।

​इस पूरे मामले का पटाक्षेप करते हुए थाना प्रभारी (SHO) योगेश कुमार ने आधिकारिक बयान में बताया कि डायल-112 पर मिली किडनैपिंग की इस इनपुट को पुलिस ने सर्वोच्च प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल इसकी चौतरफा जांच कराई थी। सीसीटीवी फुटेज, गाड़ी के नंबर और मौके पर मिले सभी संबंधित बालिग लोगों से आमने-सामने की पूछताछ के बाद अब यह पूरी तरह शीशे की तरह साफ हो चुका है कि यहां अपहरण की कोई वारदात नहीं हुई थी। केवल जल्दबाजी की परिस्थितियों को देखकर वहां मौजूद आम लोगों को एक बड़ी गलतफहमी हो गई थी।

इसके साथ ही, आगरा पुलिस ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी संवेदनशील घटना को लेकर बिना आधिकारिक पुष्टि के इंटरनेट पर अफवाहें फैलाने से पूरी तरह बचें, क्योंकि इससे अनावश्यक रूप से कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होती है। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जागरूक नागरिक के तौर पर किसी भी संदिग्ध परिस्थिति को देखकर तत्काल पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी और सराहनीय कदम है, ताकि समय रहते किसी भी वास्तविक संभावित बड़ी आपराधिक घटना को टाला जा सके।