एलन मस्क की Starlink इंटरनेट सर्विस को लेकर सरकार ने जारी की एडवाइजरी

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भारत सरकार ने एलन मस्क की Starlink इंटरनेट सर्विस नाम की कंपनी से लोगों को दूर रहने के लिए कहा है। पिछले शुक्रवार को सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि Elon Musk की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के लिए अभी तक लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे स्टारलिंक की सेवाओं के लिए कोई भुगतान नहीं करें। डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम (DoT) ने स्टारलिंक को देश में इंटरनेट सेवा देने से पहले रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क के तहत जरूरी मंजूरी लेने को कहा है। DoT ने कहा कि कंपनी पहले लाइसेंस ले फिर कम्युनिकेशन सर्विस के कारोबार में एंट्री करे।

5000 से अधिक लोगों ने कराई प्री बुकिंग

केंद्र सरकार ने शुक्रवार शाम एक बयान जारी करके बताया कि एलन मस्क की स्टारलिंक को भारत में तत्काल प्रभाव से इंटरनेट सेवाएं बुक करने एवं सेवा देने से रोक दिया गया है। भारत में स्टारलिंक के निदेशक संजय भार्गव ने हाल में सोशल मीडिया पर बताया था कि देश में उनकी इस सेवा का इस्तेमाल करने के इच्छुक 5,000 से अधिक लोगों ने एडवांस बुकिंग कर ली है। उनके अनुसार स्टारलिंक भारत के ग्रामीण इलाक़ों में ब्रॉडबैंड सेवा देना चाहती है।

एक साल से प्री बुकिंग जारी

भारत में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंग ग्राहकों से $99 का रिफंडेबल डिपॉजिट पिछले 1 साल से स्वीकार कर रही है। स्टारलिंक इंडिया के निदेशक ने हाल में ही कहा था कि उनकी कंपनी भारत में टेलीकॉम कंपनियों से कारोबारी समझौता करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। भारत में स्टार्ट लिंक इंटरनेट देने के मामले में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया से मुकाबला करने वाली है

स्टारलिंक इंटरनेट की खासियत

भारत में वायरलेस इंटरनेट वायमैक्स सर्विसेस और मोबाइल इंटरनेट उपलब्ध है जो टेरेस्टेरियल नेटवर्क से जुड़ा है। इस वजह से जिन इलाकों में टावर नहीं होते, वहां इंटरनेट सेवा नहीं मिल पाती है। सेटेलाइट से सीधे सेवा मिलने की वजह से न केवल स्पीड तेज होगी, बल्कि ऐसे इलाकों में इंटरनेट सेवा आसानी से पहुंच सकेगी, जहां मोबाइल टावर उपलब्ध नहीं है। इसीलिए भारत में ग्रामीण क्षेत्रों पर खास तौर से स्टारलिंक फोकस कर रही है।

कितनी होगी स्टारलिंक की स्पीड

साल 2022 में स्टारलिंक के इंटरनेट का काम पूरी दुनिया में फैलने की उम्मीद है। इसकी स्पीड 50 एमबीपीएस से लेकर 150 एमबीपीएस तक हो सकती है। इसे ऑर्डर करने का पूरा काम ऑनलाइन रखा गया है। स्टारलिंक के सैटेलाइट धरती से ज्यादा नजदीक हैं, इसलिए इंटरनेट की स्पीड तेज होगी। यह सेवा उन इलाकों में ज्यादा कारगर होगी जहां आम इंटरनेट सेवा काम नहीं करती है या स्पीड स्लो है। स्पेसएक्स इंटरनेट स्पीड को 300 एमबीपीएस तक ले जाने की तैयारी में है।

आपकी बुकिंग के पैसे का क्या होगा?

टेलीकॉम कारोबार के जानकारों का कहना है कि अब जब साल 2021 खत्म होने वाला है और कंपनी साल 2022 से भारत में इंटरनेट कारोबार शुरू करने की तैयारी में है, वह टेलीकॉम विभाग के पास लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकती है। स्टारलिंक के पास अपने सैटलाइट हैं, इसलिए उसे सरकार को स्पेक्ट्रम चार्ज आदि का भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस हिसाब से एलन मस्क की कंपनी को सरकार के पास आवेदन करने और लाइसेंस लेकर देश में इंटरनेट सेवा शुरू करने में खास परेशानी नहीं होने वाली है।

-एजेंसियां

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