आगरा: बेटों की करतूतों से परेशान बुजुर्ग ने अपनी 2 करोड़ की प्रॉपर्टी जिलाधिकारी के नाम की

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आगरा में कलियुगी बेटों को सबक सिखाने वाला एक मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग पिता ने अपने बेटों की करतूतों से परेशान होकर अपनी पूरी संपत्ति आगरा जिला अधिकारी के नाम कर दी है। पिता का कहना है कि उनके घर में किसी चीज़ की कोई कमी नहीं है फिर भी बेटा आये दिन उन्हें परेशान करता है और उनकी संपत्ति से हिस्सा मांगता है। यहां तक कि उन्हें घर से निकाल दिया। उन्होंने अपने बेटे को कई बार समझाने की कोशिश की लेकिन वह समझता नहीं। इसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। आगरा जिलाधिकारी के नाम की गयी ये संपत्ति लगभग दो करोड़ की है।

कलक्ट्रेट पहुंचे वसीयत देने

आगरा के रहने वाले 88 साल के एक बुजुर्ग गणेश शंकर लाल पांडे ने अपनी दो करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी डीएम आगरा के नाम कर दी. गुरुवार को जब वह वसीयत लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां उन्होंने अपनी दो करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी डीएम के नाम करने के कागज ​अधिकारियों को दिखाए तो सभी को होश उड़ गए. उन्होंने वसीयत की कॉपी आगरा सिटी मजिस्ट्रेट को भी सुपुर्द कर दी है.

पीपल मंडी में है निवास

गणेश शंकर पांडे ने बताया कि वे चार भाई नरेश शंकर पांडे, रघुनाथ शंकर पांडे और अजय शंकर पांडे हैं, सभी ने मिलकर एक हजार गज जमीन खरीदी थी। सभी भाइयों ने इसका मौखिक बंटवारा भी कर लिया था। घर में किसी चीज़ की कोई कमी नहीं है। सभी सम्पन्न हैं लेकिन फिर भी उनका बड़ा बेटा दिग्विजय उन्हें परेशान कर संपत्ति से अपना हिस्सा मांगता है। छोटा बेटा भी कुछ नहीं कहता। उन्होंने उसे घर से बाहर भी निकाल दिया। उन्होंने अपने भाई के यहां शरण ली हुई है।

उन्होंने और उनके भाइयों ने दोनों बेटे को काफ़ी समझाने की कोशिश की लेकिन वह समझने को तैयार नहीं है। बड़ा बेटा दिग्विजय शंकर पांडे लगातार उन्हें संपत्ति के लिए बहुत परेशान कर रहा है जिससे आजिज आकर उन्होंने यह संपत्ति जिलाधिकारी के नाम कर दी है। इस संपत्ति की कीमत आज के सर्किल रेट के हिसाब से दो करोड़ आंकी जा रही है।

सिटी मजिस्ट्रेट ने मीडिया को दी जानकारी में बताया कि बुजुर्ग का नाम 88 वर्षीय गणेश शंकर पांडे है जो कि निरालाबाद पीपल मंडी के रहने वाले हैं. वसीयत के अनुसार चार सगे भाइयों गणेश शंकर पांडे, नरेश शंकर पांडे, रघुनाथ शंकर पांडे और अजय कुमार पांडे ने यहां एक हजार गज जमीन 30 मार्च 1983 को मिलकर खरीदी थी. इस जमीन की रजिस्ट्री 28 अप्रैल 1983 को हुई थी. इस जमीन का सभी भाइयों ने मौखिक रूप से बंटवारा भी कर लिया.

डीएम के नाम की वसीयत

बुजुर्ग गणेश शंकर पांडे ने अपने हिस्से की प्रॉपर्टी उीएम आगरा के नाम 4 अगस्त 2018 को कर दी. बुजुर्ग गणेश शंकर पांडे ने इसके पीछे की वजह अपने बेटों द्वारा प्रताड़ित किया जाना बताया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्हें परिवार ने घर से निकाल दिया था. अभी वह अपने भाई रघुनाथ और अजय शंकर के यहां रह रहे थे. दोनों बेटे और परिवार को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे उन्हें प्रताड़ित करते रहे. ऐसे में उनहोंने अपने​ हिस्से की जमीन की वसीयत डीएम आगरा के नाम की है. सर्किल रेट के हिसाब से इस जमीन की कीमत दो करोड़ रुपये बताई गई है.

-up18 News

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