अफगानिस्‍तान पर अब रूस और चीन की नजर, 10 हजार सैनिक करेंगे युद्धाभ्‍यास

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अफगानिस्‍तान में युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिकी सेना 11 सितंबर तक अफगानिस्‍तान को छोड़कर चली जाएगी। संकट की इस घड़ी में रूस और चीन की नजर अब अफगानिस्‍तान पर हो गई है। रूस और चीन की सेना के 10 हजार जवान इस महीने के मध्‍य में विशाल युद्धाभ्‍यास करने जा रहे हैं। इस अभ्‍यास में चीन के वे सैनिक हिस्‍सा लेंगे जो भारत और अफगानिस्‍तान की सीमा पर तैनात हैं।

चीन और रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक संयुक्‍त बयान जारी करके कहा है कि चीनी सेना पीएलए के पश्चिमी थिएटर कमान के सैनिक रूस के पूर्वी सैन्‍य जिले में व्‍यापक पैमाने पर होने वाले युद्धाभ्‍यास में हिस्‍सा लेंगे।

उन्‍होंने कहा कि यह महा युद्धाभ्‍यास West-Interaction 2021 मध्‍य अगस्‍त में चीन के किआंगटोंगशिआ शहर में आयोजित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस अभ्‍यास में 10 हजार सैनिकों के अलावा एक संयुक्‍त कमांड सेंटर बनाया जाएगा।

एकसाथ मिलकर युद्ध लड़ने का करेंगे अभ्‍यास

युद्धाभ्‍यास में विभ‍िन्‍न तरह के लड़ाकू विमान, तोपें और हथियारबंद वाहन हिस्‍सा लेंगे। चीन और रूस की योजना है कि दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे से मिलाया जाए ताकि भविष्‍य में जरूरत पड़ने पर दोनों सेनाएं समान लक्ष्‍य होने पर मिलकर युद्ध लड़ सकें। बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे से मिलकर अपनी अलग-अलग टीम बनाएंगे और ये टीमें अपना प्‍लान बनाएंगी और ट्रेनिंग लेंगी।

इस अभ्‍यास का मकसद दोनों सेनाओं की निगरानी क्षमता, तलाशी, जल्‍द चेतावनी, इलेक्‍ट्रॉनिक इन्‍फार्मेशन अटैक और संयुक्‍त हमले को अंजाम देने का प्रशिक्षण लेना है। माना जा रहा है कि इस अभ्‍यास का उद्देश्‍य राजनीतिक और रणनीतिक दोनों ही है। यह अभ्‍यास ऐसे समय पर होने जा रहा है जब अमेरिकी सैनिक 20 साल बाद अफगानिस्‍तान से हटने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि 11 सितंबर तक सभी सैनिक वापस लौट जाएंगे।

अफगानिस्‍तान में बदलते हालात पर रूस और चीन साथ आ गए

चीन और रूस दोनों ने ही अफगानिस्‍तान के हालात पर चिंता जताई है। ये दोनों ही देश अमेरिका की अफगानिस्‍तान में भी भूमिका की आलोचना कर चुके हैं। अ‍ब अफगानिस्‍तान में बदलते हालात से कोई अस्थिरता न फैले इसके लिए रूस और चीन साथ आ गए हैं। यह अभ्‍यास ऐसे समय पर होने जा रहे हैं जब अमेरिका के राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने चेतावनी दी है कि रूस और चीन ने साइबर हमले बंद नहीं किए तो उनका देश भी साइबर अटैक करेगा।

-एजेंसियां

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