मथुरा: बृज की धरती पर बढ़ रहे हैं बाल विवाह के मामले, चाइल्ड लाइन ने रुकवाया एक बाल विवाह

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मथुरा: एक ओर बाल विवाह को रोकने के लिए सरकार कड़े से कड़े नियम तथा पुनर्वासन हेतु योजना ला रही है लेकिन इसके बावजूद बाल विवाह के मामलों में कोई कमी नजर नहीं आ रही बल्कि मामले बढ़ जरूर रहे है। इस मामले के जैसे मथुरा बाल विवाह का गढ़ बनता चला जा रहा है। जून माह में बाल विवाह की 4 मामले सामने आ गए और ताजा मामला
थाना बरसाना क्षेत्र का है। 16 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह दिनांक 29 जून को सुरेन्द्र सिंह निवासी गाँव शाहपुर थाना कोसी मथुरा के बेटे से होना तय हुआ है जिसकी सूचना AHTU एवं चाइल्ड लाइन को मिली। इस सूचना पर चाइल्ड लाइन ने थाना बरसाना के सहयोग से बाल विवाह को रूकवाया गया है।

अशोक पवार प्रभारी थाना AHTU मथुरा ने बताया कि बाल कल्याण समिति (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) द्वारा हमें उक्त मामले में कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया। चाइल्ड लाइन टीम के साथ मौके पर पहुंच कर विवाह न करने की हिदायत दी है, साथ ग्राम प्रधान ने भी लिखित रूप में कहा कि बालिका का विवाह उसके बालिग़ होने पर ही किया जाएगा।

नरेन्द्र परिहार कोऑर्डिनेटर चाइल्ड लाइन मथुरा ने बताया कि इस माह बाल विवाह की यह 4 सूचना है जबकि मई 2021 में 4 बाल विवाह चाइल्डलाइन एव AHTU ने मिलकर रुकवाए थे। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर कॉलर ने बालिका का शादी का कार्ड व्हाट्सएप के माध्यम से चाइल्ड लाइन को उपलब्ध कराया। जिसके बाद चाइल्ड लाइन द्वारा उक्त सम्बन्द में बाल कल्याण समिति (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) को अवगत कराया गया। AHTU के साथ चाइल्ड लाइन टीम बालिका के घर पहुची तो परजिनों ने बताया कि बालिका अनपढ़ है तथा उनके पास उसकी आयु से सम्बन्धित कोई दस्तावेज नहीं है। बालिका देखने पर नाबालिग प्रतीत हो रही थी। अतः समस्त अन्य दस्तवाजो के साथ बालिका तथा उसके परिजनों को समिति के समक्ष प्रस्तुत होने हेतु कहा गया है।

स्नेहलता चतुर्वेदी सदस्या बाल कल्याण समिति (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) ने बताया कि जनपद में बढ़ते बाल विवाह चिंता का विषय है। अप्रैल 2021 से जून 2021 तक 8 बाल विवाह को चाइल्ड लाइन एवं AHTU के माध्यम बसे रूकवाया गया है। समिति द्वारा बच्चो के पुर्नवासन हेतु जिला प्रोबेशन अधिकारी को आदेश जारी किए जा चुके है। कल जब बालिका समिति के समक्ष प्रस्तुत होगी। तब समिति बालिका के हित में निर्णय लेगी। इस बाल विवाह को रुकवाने के दौरान टीम में आरक्षी योगेश कुमार AHTU, गुजन एवं कृष्ण कुमार सैनी सदस्य चाइल्ड लाइन शामिल रहे।

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