टीम इंडिया के लिए क्वॉरंटीन के नियमों में थोड़ी ढिलाई चाहता है BCCI

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नई दिल्‍ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI पुरुष और महिला क्रिकेटर्स को तीन चार्टेड फ्लाइट्स के जरिए तीन शहरों से आज मुंबई में पहुंचाएगा। जून में दोनों टीमों को इंग्लैंड के दौरे पर जाना है।

पुरुष और महिला दोनों टीमें मुंबई में दो सप्ताह के लिए क्वॉरंटीन में रहेंगी। मुंबई और आसपास रहने वाले खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ एक हफ्ते बाद बायोबबल में आएंगे।

बीसीसीआई अभी इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और यूके सरकार के अथॉरिटी के साथ बात कर रही है ताकि इंग्लैंड पहुंचने के बाद क्वॉरंटीन के नियमों को फाइनल किया जा सके। दोनों टीमों का फिलहाल 2 जून को भारत से इंग्लैंड जाने का कार्यक्रम है.
भारतीय पुरुष टीम साउथैम्पटन जाएगी जहां उसने 18 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है। वहीं महिला टीम ब्रिस्टल जाएगी जहां उसे 16 जून से इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेलना है।

पता चला है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड इंग्लैंड में क्वॉरंटीन के नियमों में थोड़ी ढिलाई चाहता है। इसके अलावा साथ सफर कर रहे परिवार के क्वॉरंटीन नियमों को लेकर भी है।

एक बीसीसीआई अधिकारी ने बताया, ‘कुछ दिन के सख्त क्वॉरंटीन के बाद खिलाड़ियों को ट्रेनिंग की इजाजत मिल सकती है। पिछले साल नवंबर में खिलाड़ियों को तीन दिन के लिए सख्त क्वॉरंटीन के बाद उन्हें ट्रेनिंग की इजाजत थी लेकिन प्रैक्टिस के बाद खिलाड़ियों को होटल रूम से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। कुछ ऐसा ही इस बार भी किया जा सकता है।’

बीसीसीआई चाहता है कि वह पहला मैच खेलने से पहले कम से कम 10 दिन प्रैक्टिस करना चाहता है।

इस बीच बोर्ड के सामने फिलहाल यह चुनौती है कि खिलाड़ियों को मुंबई कैसे पहुंचाया जाए। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली, हैदराबाद और चेन्नै से चार्टेड फ्लाइट उड़ेंगी।

अधिकारी ने कहा, ‘वे खिलाड़ी जो चार्टेड फ्लाइट पकड़ना चाहते हैं उन्हें अपने नजदीकी हवाई अड्डे पर कार से पहुंचना होगा।

छोटे शहरों में रहने वाले कुछ खिलाड़ियों ने बोर्ड से अनुरोध किया है कि वे कॉर्मर्शियल फ्लाइट से मुंबई आने को तैयार हैं अगर उन्हें बिजनेस क्लास के टिकट मुहैया कराए जाएं तो।’

खिलाड़ियों को बायो-बबल में प्रवेश करने से पहले नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट देनी होगी। बोर्ड ने सेंट्रल एजेंसी के जरिए टेस्ट करवाने का बंदोबस्त किया है। छोटे शहरों में रहने वाले खिलाड़ियों को खुद से टेस्ट करवाने की सलाह दी गई है और बोर्ड उसका बाद में भुगतान कर देगा।

-एजेंसियां

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