कोविड संक्रमित अपने कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आईं कंपनियां

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नई दिल्‍ली। पूरे भारत में कोविड 19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में कंपनियां जितना हो सके, अपने कर्मचारियों की मदद कर रही हैं। कंपनियां कोविड से संक्रमित अपने कर्मचारियों के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट का इंतजाम कर रहीं हैं, हॉस्पिटल में बेड का इंतजाम कर रहीं हैं और इमरजेन्सी मेडिकल फैसिलिटीज स्थापित करने के लिए होटलों के साथ साझेदारी कर रही हैं।
ITC, RPG Group, डालमिया भारत ग्रुप, ल्यूपिन, Quess Corp, Paytm और अर्बन कंपनी आदि ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ट्रैक करने के लिए और उनकी मदद के लिए आंतरिक टीमों का भी गठन किया है।

ITC अपने कर्मचारियों के लिए जो कोशिश कर रही है, उनमें मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना शामिल है। जैसे कि हल्के लक्षणों वाले मरीजों के लिए कोविड केयर फैसिलिटी उपलब्ध कराना, ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर्स उपलब्ध कराना। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि विभिन्न लोकेशंस पर कंपनी के डॉक्टर मौजूद हैं जो कर्मचारियों और उनके परिवारों की काउंसलिंग कर रहे हैं और उन्हें उचित सलाह दे रहे हैं। कर्मचारियों को सहयोग उपलब्ध कराने के लिए एक टीम 24 घंटे काम कर रही है।

RPG Group की तैयारी

RPG Group का हिस्सा सिएट टायर्स ने नासिक, भांडूप आदि जगहों पर अपनी फैक्ट्रियों के लर्निंग सेंटर्स व कॉन्फ्रेंस रूम्स को वर्कर्स के लिए इमरजेन्सी एकोमोडेशन में परिवर्तित कर दिया है। सिएट टायर्स में एचआर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मिलिंद आप्टे का कहना है कि हम कंटेनमेंट जोन्स पर नजर रख रहे हैं और वर्कर्स को हमारी फैक्ट्री परिसर के अस्थायी एकोमोडेशन में ला रहे हैं ताकि वे सुरक्षित रहें। RPG Group ने होटलों के साथ भी समझौते किए हैं ताकि कर्मचारियों के लिए इमरजेन्सी बेड फैसिलिटीज का इंतजाम किया जा सके। हॉस्पिटल्स के साथ साझेदारियों के जरिए मेडिकल सपोर्ट की व्यवस्था की जा रही है।

डालमिया भारत ग्रुप ने क्या किए इंतजाम

डालमिया भारत ग्रुप के चीफ एचआर अधिकारी अजीत मेनन का कहना है कि हमने इस बात का इंतजाम कर रखा है कि अगर काम के दौरान कोई इमरजेन्सी होती है तो कर्मचारी को हॉस्पिटल भेजने से पहले कार्यस्थल पर ही ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध कराया जा सके। ग्रुप ने कोरोना संक्रमित कर्मचारियों के मामले में ऑनलाइन परामर्श के लिए कई डॉक्टरों से टाई अप किया हुआ है। कंपनी होटलों के साथ भी बातचीत कर रही है ताकि जरूरत पड़ने पर कमरे बुक किए जा सकें। फोर्टिस हेल्थकेयर व अपोलो जैसे दिग्गज हॉस्पिटल्स के साथ कर्मचारियों के लिए बेड का इंतजाम करने के लिए भी साझेदारियां की जा रही हैं।

पेटीएम का क्या है कहना

पेटीएम में सीएचआरओ रोहित ठाकुर के मुताबिक पिछले पूरे एक साल के दौरान इस तरह के मामले सामने नहीं आए, जैसे पिछले कुछ महीनों में सामने आए हैं। संक्रमित हुए कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों की संख्या ने हमें इस बात का अहसास दिला दिया है कि हालात कितने गंभीर हैं। पेटीएम ने एक इमरजेन्सी रिस्पॉन्स टीम तैयार की है। डॉक्टरों की गाइडलाइंस, एंबुलेंस सर्विसेज, लैब टेस्ट, मेडिकल इंश्योरेंस और ऑक्सिजन सप्लाइज के साथ 24×7 हेल्पलाइन उपलब्ध है। ठाकुर ने आगे कहा कि पेटीएम के 12000 फुल टाइम कर्मचारी हैं। इससे दोगुनी संख्या में वे लोग हैं, जिन्हें अभी ऑक्सिजन की जरूरत है। हम ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर्स खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जो हमारे कर्मचारियों और उनके परिवारों की ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा कर सके।

-एजेंसियां

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