पूरे यूपी में अब हर रविवार को लॉकडाउन, मास्क न लगाने पर जुर्माना

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में में कोरोना के बेतहाशा बढ़ते मामलों को देखते हुए रविवार को लॉकडाउन का एलान किया गया गया है. इसके साथ ही मास्क नहीं लगाने पर पहली बार एक हजार का जुर्माना और दूसरी बार में दस हजार का जुर्माना भरना होगा.

पूरे उत्तर प्रदेश में रविवार को वीकएन्ड लॉक डाउन

– यूपी में सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को बंदी रहेगी
– आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी बाज़ार दफ़्तर बंद रहेंगे
– इस दिन व्यापक सेनेटाइजेशन अभियान चलेगा

बता दें कि कोविड प्रबंधन के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, सीएमओ और टीम-11 के सदस्यों साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए.

– प्रदेश के सभी ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में रविवार को साप्ताहिक बन्दी होगी. इस अवधि में केवल स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और आपातकालीन सेवाओं ही संचालित होंगी. इस संबंध में आवश्यक जागरूकता कार्य भी किए जाएं.

– कोविड की रोकथाम से संबधी कार्यों में पिछले साल विधायक निधि उपयोगी सिद्ध हुई थी. इस साल भी कोविड केयर फंड की नियमावली के अनुरूप विधायकगणों की अनुशंसा पर उनकी निधि का कोविड प्रबंधन में उपयोग किया जा सकता है.

– पंचायत चुनावों का पहला चरण अत्यंत शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ. जिन क्षेत्रों में माहौल बिगाड़ने की कतिपय कोशिश हुई है, इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. यह कार्रवाई अन्य चरण के चुनावों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी.

– प्रदेश में सभी के लिए मास्क लगाना अनिवार्य है. पहली बार मास्क के बिना पकड़े जाने पर ₹1000 का जुर्माना लगाया जाए. अगर दूसरी बार बिना मास्क के पकड़ा जाए तो दस गुना अधिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए.

– कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी जैसे अधिक संक्रमण दर वाले सभी 10 जिलों में व्यवस्था और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है. स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए कोविड हॉस्पिटल बनाए जाएं. बेड्स बढ़ाये जाएं. निजी हॉस्पिटल को कोविड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित किया जाए. प्रयागराज में अविलंब यूनाइटेड मेडिकल कॉलेज को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित किया जाए.

– 108 की आधी एम्बुलेंस केवल कोविड मरीजों के उपयोगार्थ रखीं जाएं. इस कार्य में कतई देरी न हो. होम आइसोलेशन के मरीजों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए. एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो. ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सकीय जरूरतों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. किसी प्रकार की जरूरत होने पर तत्काल शासन को अवगत कराएं.

– एजेंसी

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