ब्रिटेन में नए दौर का आगाज़, यूरोपीय यूनियन से औपचारिक तौर पर अलग हुआ

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ब्रिटेन के लिए नए साल के साथ-साथ एक नए दौर का आगाज़ भी हुआ है. ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन से औपचारिक तौर पर अलग हो गया है.

ब्रिटेन ने रात ठीक 11 बजे यूरोपीय यूनियन के नियम मानने बंद किए और ट्रैवल, व्यापार, प्रवासी और सुरक्षा के अपने नियम लागू किए.

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि अब जब ब्रेग्ज़िट ख़त्म हो गया है तो ब्रिटेन के हाथों में आज़ादी आई है और चीज़ों को अलग और बेहतर करने की क्षमता भी.

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ब्रिटेन एक दोस्त और सहयोगी रहेगा.

ब्रिटेन के मंत्रियों ने आगाह किया है कि आने वाले दिनों और हफ़्तों में कुछ परेशानियां हो सकती हैं क्योंकि नए नियम आ रहे हैं और ब्रिटिश कंपनियों को भी बाक़ी यूरोप के साथ बदले नियमों के मुताबिक़ व्यापार करना होगा.

बंदरगाहों पर रुकावटों की चिंता के बीच अधिकारियों का कहना है कि नया बॉर्डर सिस्टम तैयार है.
2016 में ब्रिटेन के लोगों ने जनमत संग्रह के ज़रिए यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन को बाहर करने का फ़ैसला किया था. उसके साढ़े तीन साल बाद 31 जनवरी को ब्रिटेन ने आधिकारिक तौर पर 27 सदस्य देशों वाला राजनीतिक और आर्थिक ब्लॉक छोड़ा.

लेकिन ये मामला पिछले 11 महीने से यूरोपीय यूनियन के व्यापार नियमों में उलझा हुआ था और दोनों पक्ष अपने भविष्य की आर्थिक साझेदारी को लेकर बातचीत कर रहे थे.

आख़िकार क्रिसमस से पहले की शाम को ऐतिहासिक संधि पर सहमति बनी. बुधवार को संसद के पास करने के बाद ये संधि ब्रिटेन में क़ानून बन गई.

नई व्यवस्था के तहत मैन्युफक्चरर्स को यूरोपीय यूनियन के बाज़ारों में बिना शुल्क के जाने की इजाज़त होगी यानी ब्रिटेन और बाक़ी यूरोप के बीच उत्पादों पर कोई आयात शुल्क नहीं होगा.
लेकिन इसका एक मतलब यूरोपीय यूनियन के देशों में जाने वाले लोगों और बिज़नेस के लिए ज़्यादा पेपरवर्क भी है.

साथ ही एक आशंका अब भी बनी हुई है कि बैंकिंग और सर्विस सेक्टर के साथ क्या होगा जो ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का एक बड़े हिस्से हैं.

प्रधानमंत्री ने जताई ख़ुशी

प्रधानमंत्री जॉनसन 2016 में लीव कैंपेन का एक मुख्य चेहरा थे यानी ब्रिटेन के बाहर जाने के पक्ष में उन्होंने भूमिका निभाई.

प्रधानमंत्री बनने के छह महीने के अंदर ही वे ब्रिटेन को यूरोपीय यूनियन से बाहर ले आए.
उन्होंने इस पल को अद्भुत पल कहा है.

अपने नए साल के संदेश में पीएम ने कहा कि अब ब्रिटेन चीज़ों को अलग तरह से करने के लिए और ज़रूरत हुई तो यूरोपीय यूनियन के अपने दोस्तों से बेहतर करने के लिए आज़ाद है.

उन्होंने कहा, “हमारी आज़ादी हमारे हाथों में हैं और अब ये हम पर है कि हम कैसे इसका ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करें.”

ब्रिटेन की तरफ़ से बातचीत के मुख्य प्रतिनिधि लॉर्ड फ्रोस्ट ने ट्वीट किया कि ब्रिटेन फिर से पूरी तरह स्वतंत्र देश बन गया है.

वहीं कंजर्वेटिव सांसद सर बिल कैश ने कहा कि ये फ़ैसला लोकतंत्र और प्रभुत्व की जीत है.
लेकिन ब्रेग्ज़िट के विरोधी ये कहते आए हैं कि देश की हालत बदतर होगी.

स्कॉटिश फर्स्ट मिनिस्टर निकोला स्टर्जन, जो चाहती हैं कि स्वतंत्र स्कॉटलैंड यूरोपीय यूनियन में वापस जाए, उन्होंने ट्वीट किया कि ‘स्कॉटलैंड जल्द वापस आएगा, यूरोप. लाइट जलाए रखिए.’

आयरलैंड के विदेश मंत्री साइमन कोवेने ने कहा कि ‘ये ऐसा कुछ नहीं है जिसकी ख़ुशी मनाई जाए और ब्रिटेन का आयरलैंड के साथ रिश्ता अब से अलग होगा लेकिन हम उन्हें शुभकामना देते हैं.’

क्या बदल रहा है?

ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन के सदस्य देशों के बीच स्वतंत्र आवाजाही बंद हो गई है. इसके बदले ब्रिटेन ने पॉइंट बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम बनाया है.

ब्रिटेन के किसी व्यक्ति को ज़्यादातर यूरोपीय यूनियन देशों में 90 दिन से ज़्यादा रहने के लिए वीज़ा की ज़रूरत होगी.

शुल्क रहित शॉपिंग लौट आई है यानी यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन लौटने वाले लोग अपने साथ 42 लीटर बीयर, 18 लीटर वाइन, 200 सिगरेट बिना किसी टैक्स के ला सकते हैं.

आयरलैंड के अलावा ब्रिटेन में रहने की इच्छा रखने वाले यूरोपीय यूनियन के नागरिकों पर पॉइंट बेस्ड सिस्टम लागू होगा जैसे दुनिया के किसी भी देश के नागरिकों पर होता है.

ब्रिटेन की पुलिस के पास अब यूरोपीय यूनियन का डेटा बेस नहीं होगा जिसमें क्रिमिनल रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट्स और वॉन्टेड लोगों की लिस्ट होती है.

इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स के व्यापारियों के लिए कागज़ी कार्यवाही ज़्यादा बढ़ जाएगी जो यूरोपीय यूनियन के देशों के साथ व्यापार करते हैं. यूरोप में निर्यात करने वाली ब्रिटिश कंपनियों को कस्टम फॉर्म भरने होंगे.

-BBC

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