श्री काशी विश्वनाथ धाम: संग्रहालय सुनाऐंगे कला, संस्कृति और धाम के निर्माण की गाथा

Religion/ Spirituality/ Culture

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में बनने वाले संग्रहालय काशी की कला, संस्कृति और धाम के निर्माण की कहानी सुनाएंगे। धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये आकर्षण का केंद्र भी होंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में दो संग्रहालय तैयार किए जा रहे हैं। इनका संचालन मंदिर प्रशासन और पुरातत्व विभाग के सहयोग से किया जाएगा।

श्री काशी विश्वनाथ धाम में संग्रहालय निर्माण का कार्य भी शुरू हो चुका है। मंदिर चौक के पास बन रहे संग्रहालय में एक तरफ बनारस की कला, संस्कृति और सभ्यता की धरोहरें होंगी तो दूसरी तरफ धाम के निर्माण की पूरी कहानी भी सुनाई जाएंगी। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संजय गोरे ने बताया कि संग्रहालय के निर्माण का काम शुरू हो चुका है।

धाम में बनने वाले दोनों संग्रहालय बेहद खास होंगे। म्यूजियम के भ्रमण को बाहर से आने वाले श्रद्धालु काशी की कला, संस्कृति और सभ्यता से रूबरू हो सकेंगे। काशी का संगीत, वाद्य यंत्र और कलाकारों के परिचय के साथ ही विरासत से जुड़ी जानकारियां भी उपलब्ध होंगी।

इसके अलावा दूसरे संग्रहालय में विश्वनाथ धाम को तैयार करने में आने वाली परेशानियां, धाम को पूर्ण करने की कहानी, मकानों की खरीद व अन्य बातें ऑडियो और वीडियो फॉर्मेट के जरिये श्रद्धालुओं को बताई जाएंगी। धाम में पुरातन मंदिर और घरों के डाक्यूमेंटेशन की जिम्मेदारी एएसआई भोपाल और बीएचयू की टीम को सौंपी गई है।

लाहौरी टोला और पक्का महाल की धरोहरें भी रखी जाएंगी

संग्रहालय में पक्का महाल और लाहौरी टोला के मकानों से निकली धरोहरें, भवन ध्वस्तीकरण के दौरान निकले पुरातन अवशेष, मकानों की कलात्मक खिड़कियां, दरवाजे और ताले भी रखे जाएंगे। धाम के निर्माण के लिए तीन सौ से ज्यादा घर खरीदे गए। इसमें 62 से अधिक मंदिर सामने आए। म्यूजियम में धाम निर्माण के लिए खरीदे गए मकानों के कागजात मकान नंबर के साथ रखे जाएंगे। दूसरे म्यूजियम में पूरे निर्माण में आ रही दिक्कतों से लेकर निर्माण के दौरान गिराए गए घरों की महत्वपूर्ण चीजों और कागजातों का समावेश किया जाएगा। ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यह जान सकें कि कितने लोगों के योगदान से इस कॉरिडोर ने भव्य स्वरूप लिया।

– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *