पॉलीफ्लूरोएल्किल कैमिकल: …तो वैक्सीन लगने के बाद भी हो सकता है कोरोना संक्रमण

Health

अमेरिकी वैज्ञानिकों की एक टीम ने उन कारणों को भी खोजना शुरू कर दिया है, जिनके चलते कोरोना की वैक्सीन का असर कम हो सकता है। इन कारणों में आपकी रसोई के कुछ खास बर्तन और आपके कुछ खास तरह के कपड़े भी शामिल हैं।

उल्‍लेखनीय है कि दुनियाभर में रूस और अमेरिका की कोरोना वैक्सीन को लेकर सबसे अधिक उम्मीदें बनी हुई हैं। इन दोनों ही देशों की वैक्सीन जल्द से जल्द आने के कयास लगाए जा रहे हैं।

वैक्सीन का असर कर कम सकता है यह कैमिकल

-कोरोना वैक्सीन से जुड़ी रिसर्च पर काम कर रहे अमेरिकी वैज्ञानिकों का मानना है कि पॉलीफ्लूरोएल्किल Polyfluoroalkyl (PFAS)एक ऐसा कैमिकल है, जो कोरोना वैक्सीनेशन के बाद भी किसी व्यक्ति के शरीर में कोरोना संक्रमण का कारण बन सकता है क्योंकि यह कैमिकल वैक्सीन में उपयोग किए जा रहे कैमिकल्स के असर को कम करता है।

इन बर्तनों और कपड़ों में होता है उपयोग

-आपको बता दें कि पॉलीफ्लूरोएल्किल कैमिकल का उपयोग nonstick products,वॉटर प्रूफ कपड़े बनाने, कई तरह की फूड और प्रोडक्ट पैकेजिंग के दौरान उपयोग किया जाता है।

-शोध से जुड़े वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद कोई व्यक्ति नॉन स्टिक कुकवेयर में बना खाना खाता है और वॉटर प्रूफ कपड़ों का उपयोग करता है तो उसके शरीर पर वैक्सीनेशन का असर कम हो सकता है और वह वायरस की चपेट में आ सकता है।

इन स्थितियों में होगा घातक

-रिसर्च से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि पॉलीफ्लूरोएल्किल कैमिकल कोरोना वैक्सीन के असर को उसी स्थिति में कम कर सकता है, अगर यह फेफड़ों तक पहुंच जाए क्योंकि कोरोना सबसे पहले किसी स्वस्थ व्यक्ति के फेफड़ों पर ही असर करता है।

-आपको बता दें कि डिप्थीरिया और टिटनेस की वैक्सीन से जुड़ी कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जहां ये वैक्सीन अपना पूरा असर नहीं दिखा पाईं वे लोग किसी ना किसी रूप में इस कैमिकल के संपर्क में थे। यही वजह है कि इस आशंका से भी पूरी तरह इंकार नहीं किया जा सकता है कि पॉलीफ्लूरोएल्किल कैमिकल कोरोना वैक्सीन की संरक्षण क्षमता को कम कर सकता है।

इतने रोग बढ़ाता है पॉलीफ्लूरोएल्किल

-सबसे पहली बात तो यह साफ हो चुकी है कि नॉन स्टिकी बर्तनों में बना खाना अधिक उपयोग करने वाले लोगों के शरीर पर कई तरह की वैक्सीन का असर कम करने के पीछे पॉलीफ्लूरोएल्किल जिम्मेदार हो सकता है।

-इसके साथ ही इस रसायन का अधिक उपयोग करने से कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ता है। इस कैमिकल के कारण लिवर डैमेज हो जाता है। यह कैमिकल महिलाओं और पुरुषों की प्रजनन क्षमता को कम करता है। साथ ही शरीर में थायरॉइड के स्तर को असंतुलित करता है।

यहां होता है सबसे अधिक उपयोग

-शरीर को बुरी तरह नुकसान पहुंचाने वाले पॉलीफ्लूरोएल्किल कैमिकल का उपयोग नॉन स्टिकी बर्तनों और वॉटरप्रूफ कपड़ों के साथ ही पिज्जा पैकेजिंग के लिए उपयोग होने वाले डिब्बों, स्टेनलेस फैब्रिक तैयार करने और कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार करने में होता है। यह भी एक कारण है कि इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों को सावधानी पूर्वक उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

-एजेंसियां

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