प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा, जिम्मेदारी की भावना व्यक्ति के जीवन में अवसर को जन्म देती है

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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गांधीनगर के पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के आठवें दीक्षांत समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया.
इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज आप ऐसे समय में इंडस्ट्री में कदम रख रहे हैं, जब महामारी के चलते पूरी दुनिया के ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े बदलाव हो रहे हैं. ऐसे में आज भारत में एनर्जी सेक्टर में ग्रोथ की, आन्ट्रप्रनर्शिप की, रोज़गार की, असीम संभावनाएं हैं.”

“आज देश अपने कार्बन फुटप्रिंट को 30-35% तक कम करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है. प्रयास है कि इस दशक में अपनी ऊर्जा ज़रूरतों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को हम 4 गुणा तक बढ़ाएं. एक ऐसे समय में ग्रेजुएट होना जब दुनिया इतने बड़े संकट से जूझ रही है, ये कोई आसान बात नहीं है. लेकिन आपकी क्षमताएँ इन चुनौतियों से कहीं ज्यादा बड़ी हैं.”

“प्रॉबलम्स क्या हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि आपका उद्देश्य क्या है, आपकी प्राथमिकता क्या है और आपका प्लान क्या है? ऐसा नहीं है कि सफल व्यक्तियों के पास समस्याएं नहीं होतीं, लेकिन जो चुनौतियों को स्वीकार करता है, उनका मुकाबला करता है, उन्हें हराता है, समस्याओं का समाधान करता है, वो सफल होता है.”

“आप देखिए जीवन में वही लोग सफल होते हैं, वही लोग कुछ कर दिखाते हैं जिनके जीवन में जिम्मेदारी का भाव होता है. विफल वो होते हैं जो बोझ की भावना में जीते हैं. जिम्मेदारी की भावना व्यक्ति के जीवन में अवसर को भी जन्म देती है.”

“आज की जो पीढ़ी है, 21वीं सदी का जो युवा है, उसको एक क्लीन स्लेट के साथ आगे बढ़ना होगा. कुछ लोगों के मन में ये जो पत्थर की लकीर बनी हुई है कि कुछ बदलेगा नहीं, उस लकीर को मिटाना होगा. और साफ़ दिल का मतलब साफ नीयत है.”

“21वीं सदी में दुनिया की आशाएं और अपेक्षाएं भारत से हैं और भारत की आशा और अपेक्षा आपके साथ जुड़ी हैं. हमें तेज गति से चलना ही होगा, आगे बढ़ना ही होगा.”

-BBC

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