CM योगी ने वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से की आगरा मण्डल के विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा

Regional उत्तर प्रदेश

स्मार्ट सिटी एवं अमृत योजना के तहत कराये जा रहे कार्यों में तेजी से प्रगति लाने के निर्देश दिये गये।

जे0एन0एन0यू0आर0एम0 के लम्बित कार्यों में तेजी से प्रगति लाने के भी निर्देश दिये।  

मुगल म्युजियम का नाम परिवर्तित कर छत्रपति शिवाजी महराज के नाम पर रखे जाने के निर्देश दिये गये।

बन्द पड़ी पानी की टंकियों/टी0टी0एच0पी0 को क्रियाशील किया जाय।

मेट्रो प्रोजेक्ट एवं सिविल टर्मिनल के निर्माण में आ रही समस्याओं को शीघ्र दूर कर कार्य प्रारम्भ कराने के निर्देश दिये गये।

परियोजनाओं और विकास कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से मानकों के अनुसार पूर्ण किया जाय।

विकास कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होगी।

मण्डलायुक्त, जनप्रतिनिधिगण तथा सभी सम्बन्धित संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर पेयजल की समस्या का समाधान करायें।

सामुदायिक शौचालय व ग्राम पंचायत सचिवालय के निर्माण सम्बन्धी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने की कार्यवाही की जाए।

राजस्व संग्रह की विभागवार पाक्षिक समीक्षा करने के निर्देश।

03 सितम्बर, 2020 को जारी देश के स्मार्ट सिटीज़ की रैंकिंग में पूरे देश में आगरा तृतीय स्थान और प्रदेश में प्रथम स्थान पर।

जनपद आगरा में गंगाजल परियोजना के माध्यम से वर्तमान में 350 एम0एल0डी0 स्वच्छ गंगाजल की आपूर्ति की जा रही।

प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा आज वीडियों कान्फ्रेंसिंग द्वारा आगरा मण्डल के अन्तर्गत चारों जनपदों में कराये जा रहे रू0 50 करोड़ से अधिक लागत की परियोंजनाओं, आगरा स्मार्ट सिटी योजना, अमृत योजना की प्रगति की तथा खाद की उपलब्धता एवं कोविड-19 के रोकथाम हेतु किये जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर उन्होंने सांसद एवं विधायकगण से निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की प्रगति आदि के सम्बन्ध में फीडबैक भी प्राप्त किया। उन्होंने विकास की गति को और तेज किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजनाओं और विकास कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से मानकों के अनुसार पूर्ण किया जाए। निर्धारित अवधि में कार्य के पूर्ण होने पर लागत में कमी आती है और जनता को विकास योजनाओं का समय से लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए शासन स्तर पर धनराशि की कोई कमी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की जनता को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस सम्बन्ध में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता बरते जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। हमें कोरोना से लड़ना भी है और तेजी से विकास कार्य भी संचालित करने हैं। इसके दृष्टिगत वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए पूरी सतर्कता व सावधानी अपनाते हुए विकास कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण किया जाए। कोविड-19 से बचाव के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम संचालित कराए जाएं। ‘दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी’ का पालन कराया जाए। इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर के साथ-साथ एल-2 कोविड हॉस्पिटल को निरन्तर सक्रिय रखा जाय।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक जनपद में हर परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। परियोजनाओं की साप्ताहिक/पाक्षिक समीक्षा की जाए, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जा सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति से अवगत कराते हुए यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भेजा जाए। शासन स्तर पर भी प्रकरण लम्बित न रहे और स्वीकृत धनराशि समय से निर्गत की जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगरा मण्डल में खारे पानी की समस्या है। मण्डल के कुछ क्षेत्र फ्लोराइड प्रभावित हैं। पेयजल योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अटल भूजल योजना के तहत कार्य कराया जाए। जल-जीवन मिशन की योजनाएं बढ़ाई जाएं। उन्होंने मण्डलायुक्त आगरा को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधिगण तथा सभी सम्बन्धित संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर पेयजल की समस्या का समाधान कराएं। उन्होंने मण्डल में ‘हर घर नल’ योजना एवं निर्माणाधीन पाइप पेयजल योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता आवश्यक है। इसलिए इससे जुड़े प्रकरणों में तत्काल निर्णय लेते हुए समाधान निकाला जाए। इससे सम्बन्धित कार्यवाही में विलम्ब न हो। किसी भी स्तर पर लम्बित प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृत किया जाए। सभी विकास कार्यों के साथ जनप्रतिनिधियों को जोड़ा जाए। सामुदायिक शौचालय व ग्राम पंचायत सचिवालय के निर्माण सम्बन्धी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने की कार्यवाही हो। ग्राम सचिवालय को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा। ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने से सुशासन को बल मिलेगा और ग्राम स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।
  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर जनपद में ओ0डी0ओ0पी0 के तहत चयनित उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए। इन उत्पादों के सम्बन्ध में हस्तशिल्पियों व कारीगरों को प्रशिक्षित करने, उत्पादों की ब्राण्डिंग, मार्केटिंग व प्रदर्शनी लगाए जाने की कार्यवाही भी की जाए। उन्होंने नदियों के जीर्णोद्धार तथा तालाबों के पुनरुद्धार कार्य को योजनाबद्ध तरीके से सम्पादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोआश्रय स्थलों में गोवंश के लिए चारे की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए गोवंश का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के आर्थिक पैकेज के तहत विकासखण्ड स्तर पर कृषि अवस्थापना की योजनाएं तैयार की जाएं, जिससे इस पैकेज का अधिकाधिक लाभ किसानों को मिले। इसके तहत खाद्यान्न भण्डारण हेतु गोदाम, कोल्ड स्टोरेज आदि के निर्माण को बढ़ावा दिया जाए। जनप्रतिनिधिगण से संवाद स्थापित कर एफ0पी0ओ0 का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे कृषकों और कृषि क्षेत्र को लाभ होगा। किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता में कोई असुविधा न हो। खाद की कालाबाजारी करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उर्वरक आपूर्ति की प्रभावी मॉनीटरिंग की जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राजस्व संग्रह पर विशेष ध्यान दिया जाए। जी0एस0टी0 के तहत व्यापारियों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को राजस्व संग्रह की विभागवार पाक्षिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

  समीक्षा के दौरान मा0 मुख्यमंत्री जी ने स्मार्ट सिटी एवं अमृत योजनान्तर्गत कराये जा रहे कार्यों में तेजी से प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के टेण्डर अभी तक नहीं हुए हैं, टेण्डर कर उन कार्यों को शीघ्र प्रारम्भ किया जाय। सीवरेज, पेयजल एवं पार्कों के कार्यों में तेजी से प्रगति लाना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि जे0एन0एन0यू0आर0एम0 के कार्य काफी लम्बे समय से लम्बित चल रहें हैं, इन कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जाय तथा जिस अधिकारी के स्तर पर जे0एन0एन0यू0आर0एम0 के कार्य लम्बित हुये हैं, उसकी जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की जाय। उन्होंने आगरा मेट्रो परियोजना एवं सिविल एयर पोर्ट के निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं का निराकरण कर शीघ्र कार्य प्रारम्भ कराया जाय। उन्होंने इसके लिये मा0 सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी रूप से पैरवी करने एवं भारत सरकार के स्तर पर प्रभावी रूप से पत्राचार एवं वार्ता करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी एन0ओ0सी0 लेनी हो, उसे लेकर कार्य प्रारम्भ कराया जाय। उन्होंने कहा कि कार्य प्रारम्भ होने से लोगों को रोजगार मिलेगा तथा विकास के कार्य होने से लोगों को बेहतर अनुभूति भी होगी।

मा0 मुख्यमंत्री जी ने मुगल म्युजियम का नाम परिवर्तित कर छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन का पैसा ऐसे कार्यों में व्यय किया जाय, जिससे राष्ट्र गौरव की अनुभूति हो। उन्होंने मा0 जनप्रतिनिधियों एवं ए0डी0ए0, आवास विकास परिषद आदि के साथ बैठक कर बन्द पड़ी पानी की टंकियों/टी0टी0एच0पी0 सहित पेयजल परियोजनाओं को क्रियाशील किया जाय, जिससे गंगाजल का लाभ अधिक से अधिक लोगों को प्राप्त हो सकें। उन्होंने कोरोना वायरस की प्रभावी रोकथाम एवं कोविड-19 से होने वाली मृत्यु दर को कम करने हेतु सर्विलांस एवं सैम्पल कलेक्शन में जो भी कमियाँ हैं, उसे दूर करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान मा0 राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह जी ने फतेहपुर सीकरी में पानी की समस्या को दूर करने एवं फतेहपुर सीकरी का विकास वृन्दावन के तर्ज पर किये जाने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे आगरा, ताजमहल व लाल किला देखने आने वाले पर्यटक फतेहपुर सीकरी में अधिक से अधिक संख्या में आयेंगे। मा0 सांसद प्रो0 एस0पी0 सिंह बघेल ने जनपद आगरा के यमुना पार क्षेत्र में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिये आगामी 50 वर्षों को दृष्टिगत में रखकर प्रभावी कार्य योजना बनाये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने बैराज बनाये जाने पर भी बल दिया। उन्होंने गाँव में बन्द पड़ी टी0टी0एस0पी0 को क्रियाशील करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जनपद आगरा में निजी चिकित्सालयों द्वारा कोरोना मरीज के इलाज में अधिक पैसा लिया जा रहा है, जिसे कम किये जाने हेतु प्रभावी कार्यवाही किये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बाजरा की खरीद के लिये खरीद केन्द्र बनाया जाय तथा आई0पी0एल0 के स्तर का मैच जनपद में भी हो सकें, इसके लिये स्टेडियम बनाये जाने का सुझाव दिया। मा0 विधायक श्री महेश गोयल ने किसानों को सिंचाई के लिये आ रही समस्याओं को दूर करने पर बल दिया। मा0 विधायक श्री पुरूषोत्तम खण्डेलवाल ने बन्द पड़ी पानी की टंकियों को पुनः क्रियाशील करने का सुझाव देते हुए कहा कि बन्द पानी की टंकियों को क्रियाशील हो जाने से गंगाजल अधिक क्षेत्रों में पहुँच जायेगा, जिससे लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल सकेंगी। मा0 विधायक श्री रामप्रताप सिंह चौहान ने कहा कि पी0एम0जी0एस0वाई0  के तहत सड़कों को बनाये जाने एवं गाँवों में विद्युत की आपूर्ति की और बेहतर व्यवस्था करने का सुझाव दिया।

समीक्षा के दौरान आयुक्त श्री अनिल कुमार ने मा0 मुख्यमंत्री जी को जनपद आगरा में संचालित परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आगरा में एन0एच0-2 से एन0एच0-3 को जोड़ने हेतु रूनकता से रोहता मार्ग (दक्षिणी बाईपास) के रेल सम्पार संख्या-11सी पर 4 लेन रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लागत रू0 60.09 करोड़ स्वीकृत है एवं 19.93 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है व अवमुक्त धनराशि में से रू0 18.67 करोड़ व्यय किया गया है तथा परियोजना के प्रथम फेज में 2 लेन सेतु निर्माण कार्य प्रगति पर है। द्वितीय फेज में 02 लेन सेतु का निर्माण प्रथम फेज का कार्य पूर्ण होने पर प्रारम्भ होगा। परियोजना में रेलवे भाग की लागत रू0 10.2666 करोड़ की व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन की जाने वाली धनराशि में से रेलवे भाग कार्य हेतु रू0 05 करोड़ की धनराशि रेलवे को उपलब्ध करा दी गयी है। रेलवे भाग में रेलवे द्वारा टेस्ट पाइल का कार्य कर लिया गया है। डिजाइन के पश्चात् रेलवे का कार्य शीघ्र प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित है। उन्हांने बताया कि आगरा में एनएच-2 से एनएच-3 को जोड़ने हेतु रूनकता से रोहता मार्ग (दक्षिणी बाईपास) के रेल सम्पार संख्या-68बी पर 4 लेन रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जिसकी स्वीकृत लागत- रू0 57.78 करोड है, जिसमें से रू0 39.05 करोड़ की धनराशि अवमुक्त हुई है। अवमुक्त धनराशि में से रू0 21.96 करोड़ व्यय किया गया है। परियोजना के प्रथम फेज में कार्य प्रगति पर है। द्वितीय फेज में 02 लेन सेतु निर्माण का कार्य, प्रथम फेज का कार्य पूर्ण होने पर प्रारम्भ होगा। एन0एच0 भाग में स्पान निर्माण की अनुमति प्राप्त न होने के कारण प्रगति प्रभावित है। पुनरीक्षित प्रस्ताव क्षेत्रीय प्रबन्धक, राष्ट्रीय मार्ग, लखनऊ द्वारा भूतल परिवहन मंत्रालय, नई दिल्ली को अनुमति हेतु प्रेषित किया गया है। रेलवे भाग में रेलवे की प्रगति काफी धीमी है, लॉक डाउन के उपरान्त अभी कार्य पुनः प्रारम्भ नहीं किया गया है।

आयुक्त ने बताया कि आगरा जल सम्पूर्ति (गंगाजल) परियोजना, जिसकी स्वीकृत लागत रू0 2887.92 करोड़ है, जिसमें से रू0 2657.56 करोड़ की धनराशि अवमुक्त हुई है। अवमुक्त धनराशि में से रू0 2435.89 करोड़ व्यय किया गया है तथा माह तक भौतिक प्रगति 92 प्रतिशत् है। इस परियोजना के तहत् अपर गंगा कैनाल पर स्थित पालड़ा फॉल के निकट निर्मित सैडीमेन्टेशन टैंक, कन्ड्यूट पाइप तथा सिकन्दरा स्थित जल शोधन संयन्त्र तक फीडर पाइप लाइन का कार्य एवं सिकन्दरा 144, एम0एल0डी0, जल शोधन संयन्त्र के जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण कर शोधित गंगाजल की आपूर्ति माह दिसम्बर 2018 से नागरिकों को की जा रही है। योजना का लोकार्पण मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा दिनांक 09 जनवरी 2019 को सम्पन्न किया जा चुका है। पेयजल की अतिरिक्त मांग की पूर्ति हेतु सिकन्दरा स्थित जलकल प्रांगण में 144 एम0एम0डी0 क्षमता के अत्याधुनिक एवं उच्च तकनीकी (एम0बी0बी0आर0) आधारित नये जल शोधन संयत्र का निर्माण पूर्ण कर उसका संचालन एवं रखरखाव जुलाई 2014 से निरन्तर किया जा रहा है। गोकुल बैराज मथुरा स्थित जल शोधन संयन्त्र को मुख्य कण्ड्यूट पाइप से जोड़ते हुये गंगाजल आपूर्ति 31 अक्टूबर 2019 से प्रारम्भ की जा चुकी है। जीवनी मण्डी स्थित 225 एम0एल0डी0 वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के जीर्णोद्धार कार्यों को पूर्ण कर (85 प्रतिशत) शोधित गंगाजल की आपूर्ति 20 जनवरी 2020 से प्रारम्भ कर दी गयी है। आगरा पेयजल आपूर्ति योजना (फेज-3), जिसकी स्वीकृत लागत रू0 113.79 करोड़ है, जिसमें से रू0 16.66 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है। 03 उच्च जलाशय की राफ्ट फाउण्डेशन का कार्य पूर्ण है। स्टेजिंग का कार्य प्रगति पर है एवं भूमिगत जलाशय व जोनल पम्पिंग स्टेशन की डिजाइन/ ड्राइंग की कार्यवाही भी प्रगति पर है। आगरा पेयजल आपूर्ति योजना (फेज-4), जिसकी स्वीकृत लागत रू0 61.87 करोड़ है, जिसमें से रू0 9.06 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है। 02 उच्च जलाशय की राफ्ट फाउण्डेशन का कार्य पूर्ण है। स्टेजिंग का कार्य प्रगति पर है। 01 उच्च जलाशय की फाउण्डेशन हेतु कार्य प्रगति पर है एवं भूमिगत जलाशय व जोनल पम्पिंग स्टेशन की डिजाइन/ड्राइंग की कार्यवाही भी प्रगति पर है।

आयुक्त ने बताया कि आगरा जल सम्पूर्ति योजना (जे0एन0एन0यू0आर0एम0), जिसकी स्वीकृत लागत रू0 102.99 करोड़ है, जिसमें से रू0 102.98 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है। परियोजना के मुख्य कार्य पूर्ण व जलकल विभाग, आगरा को हस्तान्तरित किया गया है। जीवनी मण्डी जल शोधन संयत्र से पोषित नगला मेवाती क्षेत्र की टेस्टिंग व कमीशनिंग का कार्य प्रगति पर है। मुगल म्युजियम ईस्टर्न गेट रोड परियोजना, जिसकी स्वीकृत लागत रू0 141.89 करोड़ है, जिसमें से रू0 94 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है। यह परियोजना धनाभाव के कारण बाधित है। ताज ओरिएण्टेशन सेन्टर शिल्पग्राम परियोजना, जिसकी स्वीकृत लागत रू0 231.85 करोड़ है, जिसमें से रू0 30 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है। इस योजना के अन्तर्गत ताज महल के निकट स्थित शिल्पग्राम में एक मल्टीलेविल पार्किंग के निर्माण में बाधक 11 पेड़ों के पातन की अनुमति मा0 उच्चतम न्यायालय से प्राप्त होनी है, जिसके लिये मा0 उच्चतम न्यायालय में दिनांक 19 फरवरी 2020 को याचिका दायर की गयी है, जिसकी सुनवाई हेतु दिनांक 18 सितम्बर 2020 निर्धारित है। मा0 उच्चतम न्यायालय से अनुमति मिलने पर योजना क्रियान्वित की जा सकेंगी। आगरा नगर के वेस्टर्न सीवरेज जोन में सीवर नेटवर्क बिछाने की योजना, जिसकी स्वीकृत लागत रू0 353.56 करोड़ है, जिसमें से रू0 53.83 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है। इस परियोजना के कार्य प्रगति पर है। जे0एन0एन0यू0आर0एम0 (बी0एस0यू0पी0) के अन्तर्गत भवनों का निर्माण- नरायच, जिसकी स्वीकृत लागत रू0 139.54 करोड़ है, जिसमें से रू0 125.73 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है। इस योजना में ठेकेदारों द्वारा नयी दरों पर ही कार्य करने के लिये वर्ष 2014 में दिये गये पत्र के उपरान्त से कार्य बन्द कर दिया गया है। अवशेष निर्माण व विकास कार्य को पूर्ण करने के लिये आवश्यक धनराशि का आंकलन किये जाने हेतु गठित समिति द्वारा (जलापूर्ति छोड़कर) रू0 8439 लाख की आवश्यकता व्यक्त की गयी है, जिसके सापेक्ष आवश्यक धनराशि की मांग शासन से की गयी है। भवनों में गंगाजल द्वारा जलापूर्ति करने हेतु प्रस्ताव निर्मित करने के लिये जल निगम को निर्देशित किया गया है। जे0एन0एन0यू0आर0एम0 (बी0एस0यू0पी0) के अन्तर्गत भवनों का निर्माण शास्त्रीपुरम, जिसकी स्वीकृत लागत रू0 57.73 करोड़ है, जिसमें से रू0 56.39 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है। इस योजना में निर्माणाधीन 1360 चार मंजिले (जी़़3) आवासीय भवनों का भौतिक कब्जा दिनांक 29 जून 2019 से मा0 क्षेत्रीय सांसद तथा मा0 विधायिका के सौजन्य से लाभार्थियों को देना प्रारम्भ कर दिया गया है। 712 भवनों के लाभार्थियों को कब्जे दिये जा चुकें है।उन्होंने बताया कि जनपद आगरा में फतेहाबाद रोड पर अवन्तीबाई चौराहे से आगरा-बाह-कचौराघाट मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-62) के कि0मी0-11 तक मार्ग का 06 लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य, जिसकी स्वीकृत लम्बाई 9.90 कि0मी0 है, स्वीकृत लागत रू0 99.21 करोड़ है, जिसमें से रू0 55.92 करोड़ धनराशि अवमुक्त हुई है तथा भैतिक प्रगति 76 प्रतिशत है। इसके साथ ही उन्होंने जनपद फिरोजाबाद, मथुरा एवं मैनपुरी में रू0 50 करोड़ से अधिक की लागत की विभिन्न परियोजनाओं के प्रगति की भी विस्तृत जानकारी मा0 मुख्यमंत्री जी को दिये।

आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना, जनपद आगरा में संचालित है दिनांक 03 सितम्बर 2020 को मिनिस्ट्री ऑफ हाउजिंग एण्ड अर्बन अफेयर (एम0ओ0एच0यू0ए0) द्वारा देश के स्मार्ट सिटी की जारी रैंकिंग में आगरा का स्थान पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय एवं उ0प्र0 में घोषित स्मार्ट सिटी की सूची में प्रथम स्थान पर है। एस0पी0वी0 को उपलब्ध धनराशि केन्द्रांश रू0 245 करोड़ तथा राज्यांश रू0 117 करोड़ को मिलाकर कुल रू0 362 करोड़ की धनराशि उपलब्ध है, जिसके सापेक्ष रू0 280.41 करोड़ ;77ःद्ध का व्यय किया गया है।  

योजनान्तर्गत कुल कार्यों की संख्या 19 के सापेक्ष 04 कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं तथा शेष 15 कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं को पूर्ण किये जाने हेतु टाइमलाइन तैयार करा ली गयी है तथा समस्त परियोजनायें माह अगस्त, 2021 तक पूर्ण करा ली जायेंगी। माह अक्टूबर, 2020 के अन्त तक अन्य 05 परियोजनायें पूर्ण किये जाने हेतु लक्ष्य निर्धारित करा लिये गये हैं तथा माह मई 2021 तक लगभग 70 प्रतिशत् परियोजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिये जाने हेतु टाइमलाइन निर्धारित करायी गयी है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत् फतेहाबाद रोड के सौन्दर्यीकरण एवं विकास के अन्तर्गत 6000 मीटर यूटीलिटी डक्ट, 300 मीटर वाटर सप्लाई पाइप लाइन, 04 किलोमीटर स्टार्म वाटर ड्रेन, 2.5 कि0मी0 ह्यूम पाइप ड्रेन, 1000 मीटर वॉल पेंटिंग, 6500 वर्गमीटर फुटपाथ, 03 कि0मी0 वाटर सप्लाई, 1.4 कि0मी0 सीवर लाइन, 2745 वर्गमीटर लैण्ड स्कैपिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्यों के लिये वन विभाग की अनापत्ति प्राप्त करते हुये कार्य प्रगति पर है। स्मार्ट सिटी योजनान्तर्गत माइनर रोड्स के पुनरोद्धार के कार्य हेतु पार्ट-1 व पार्ट-2 के अन्तर्गत लगभग 9.5 कि0मी0 ड्रेन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। स्मार्ट सिटी योजनान्तर्गत 24 घण्टे वाटर सप्लाई के लिये 62.4 कि0मी0 एचडीपीई पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है तथा शेष कार्य द्रुत गति से संचालित है। स्मार्ट सिटी योजनान्तर्गत सीवरेज व्यवस्था के लिये 1328 मेलहॉल के साथ 40 कि0मी0 डीडब्लूसी पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है जिसकी टेस्टिंग का कार्य प्रगति पर है। स्मार्ट सिटी परियोजनान्तर्गत अत्याधुनिक कमाण्ड एवं कन्ट्रोल सेन्टर के प्रथम फेज में 590 सीसीटीवी कैमरे नगर वासियों की सुरक्षा एवं 200 सीसीटीवी कैमरे नगर के उपयुक्त स्थलों पर यातायात नियंत्रण के लिये स्थापित कराये गये हैं। साथ ही यातायात प्रबन्धन के तहत नगर के 40 चौराहों की निगरानी उच्च तकनीक के माध्यम से उक्त सेन्टर द्वारा की जा रही है। जनपद आगरा में स्मार्ट सिटी परियोजनान्तर्गत पी0पी0पी0 मोड पर एक स्मार्ट हेल्थ सेन्टर स्थपित कराया गया है, जिससे दैनिक आधार पर लगभग 100 से 150 लोग स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसी प्रकार त्मींइपसपजंजपवद वि डंरवत त्वंकेए ैमअमतंहम छमजूवता के सुधार, भ्मतपजंहम ॅंसाए ैपसस क्मअमसवचउमदजए थ्नदबजपवद प्उचतवअमउमदजए भ्मंसजी ब्मदजतमए म.बसेंमे एवं अन्य प्रोजेक्ट्स स्मार्ट सिटी परियोजनान्तर्गत संचालित किये जा रहे हैं।

आयुक्त ने बताया कि अमृत योजनान्तर्गत जनपद आगरा में 03 परियोजनाओं का लक्ष्य है, जिसकी स्वीकृत लागत रू0 187.340 करोड़ है, जिसमें से रू0 37.40 करोड़ अवमुक्त हुई है। एक परियोजना पूर्ण कर ली गई है। अमृत योजना के तहत् कनेक्शन का लक्ष्य 47845 निर्धारित है, जिसके सापेक्ष 28980 कनेक्शन दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि अमृत योजना के तहत् सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबन्धन के अंतर्गत जनपद आगरा में कुल 04 परियोजनाओं का लक्ष्य है, जिसकी स्वीकृत लागत रू0 425.127 करोड़ है, जिसमें से रू0 115.590 करोड़ अवमुक्त हुई है। 02 परियोजनायें पूर्ण की जा चुकी हैं, जिसमें 88957 कनेक्शन का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 42535 कनेक्शन दिये जा चुकें हैं। अमृत योजना के तहत् जनपद आगरा में पार्क के कुल 17 परियोजनायें हैं, जिसमें से 10 परियोजनायें पूर्ण कर ली गयी हैं, जिसकी स्वीकृत लागत रू0 8.902 करोड़ है, जिसमें से रू0 7.687 करोड़ अवमुक्त हुई है। उन्होंन बताया कि मण्डल में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। यूरिया का लक्ष्य 72,297 मी0टन के सापेक्ष 1,34,191 मी0टन उपलब्ध है, जो आवश्यकता का 185.61ः है। इसमें से 1,01,275 मी0टन ;76ःद्ध यूरिया वितरित की जा चुकी है। डी0ए0पी0 का लक्ष्य 42,137 मी0टन के सापेक्ष 1,17,070 मी0टन उपलब्ध है, जो आवश्यकता का 277.83ः है। इसमें से 36,555 मी0टन ;31ःद्ध डी0ए0पी0 वितरित की जा चुकी है।

एन0पी0के0 का लक्ष्य 272 मी0टन के सापेक्ष 4,423 मी0टन उपलब्ध है, जो आवश्यकता का 1626.10ः है। इसमें से 898 मी0टन ;20ःद्ध एन0पी0के0 वितरित की जा चुकी है। एम0ओ0पी0 का लक्ष्य 11,070 मी0टन के सापेक्ष 20,501 मी0टन उपलब्ध है, जो आवश्यकता का 185.20ः है। इसमें से 9465 मी0टन ;46ःद्ध एम0ओ0पी0 वितरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आगरा मण्डल के विभिन्न जनपदों में दिनांक 05.9.2020 तक कुल सैम्पल 351268 लिए गये हैं, जिनमें से जनपद आगरा में अब तक 3240, फिरोजाबाद में 1768, मथुरा में 2665 एवं मैनपुरी में 1731 कुल 9404 केस पॉजिटिव पाये गये हैं। अद्यतन पॉजिटिव दर 2.67ः है। होम आइसोलेशन में मरीजों की संख्या 2222 है, जिसकी दर 23ण्60ः रही है। मण्डल में अद्यतन रिकवरी दर 74.66ः है। कुल मृतकों की संख्या 242 है, जो कुल का 2.57ः है। कान्टेक्ट ट्रेसिंग (प्रतिशत में) आगरा व फिरोजाबाद में 100ः, मथुरा में 97.80ः तथा मैनपुरी में 99.10ः है।
 

जिलाधिकारी श्री प्रभु एन0 सिंह द्वारा मा0 मुख्यमंत्री जी को जनपद आगरा में रू0 10 करोड़ से रू0 50 करोड़ की लागत के मध्य के परियोजनाओं की प्रगति की, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी/ग्रामीण) की प्रगति, नई सड़कों के निर्माण की प्रगति, अन्य राजमार्ग/मुख्य जिलामार्ग मा अनुरक्षण, सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त किये जाने की प्रगति, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जनपद आगरा में घर-घर नल योजना की प्रगति, सांसद निधि से 17वीं लोकसभा से कराये गये कार्यों की प्रगति, विधायक निधि योजनान्तर्गत स्वीकृति कार्यों का विवरण, मनरेगा योजना, स्वच्छ भारत मिशन योजना (ग्रामीण), निर्माणाधीन पंचायत भवनों की प्रगति की जानकारी एवं कोविड-19 की रोकथाम हेतु किये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।    

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