216 थिंक टैंक के साथ भारत व‍िश्व में दूसरे नंबर पर

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विश्‍व में कुल 509 Think tank के साथ भारत दूसरे नंबर पर, हालांकि अमेरिका नंबर-1 पर बरकरार है तो चीन तीसरे नं. पर रहा। University of Pennsylvania के लॉउडर इंस्टीट्यूट ऑफ यूनिवर्सिटी Think tank पर जारी रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका 1871 थिंक टैंक के साथ 2018 में पहले स्थान पर है, भारत 509 Think tank के साथ दूसरे स्थान पर, जबकि चीन तीसरे स्थान पर है।

क्‍या होता है Think tank

थिंक टैंक उस संस्था को कहते हैं जो सामाजिक नीति, राजनीतिक रणनीति, अर्थनीति, सैन्य नीति, टेक्नोलॉजी और संस्कृति जैसे विषयों पर गंभीर व्यावहारिक चिंतन करती हैं। इन्हें अनुसंधान संस्थान या नीति संस्थान भी कहते हैं। ज्यादातर थिंक टैंक बिना लाभ वाली संस्थाएं हैं।

विचारक समूह या थिंक टैंक उस संस्था को कहते हैं जो सामाजिक नीति, राजनैतिक रणनीति, अर्थनीति, सैन्य नीति, प्रौद्योगिकी और संस्कृति जैसे विषयों पर गम्भीर व्यावहारिक चिन्तन करतीं हैं। इन्हें अनुसंधान संस्थान या नीति संस्थान भी कहते हैं।

अधिकांश थिंक टैंक प्रायः लाभ-निरपेक्ष संस्थाएँ होतीं हैं और इन संस्थानों को यूएसए आदि देशों में कर से छूट भी दी जाती है। कुछ अन्य विचारक समूहों को सरकारें फण्ड देतीं हैं, कुछ को बड़े व्यवसाय फण्ड देते हें, कुछ को ऐडवोकेसी समूह पैसे देते हैं।

बता दें कि साल 2017 में अमेरिका के पास 1872 थिंक टैंक थे जो घट कर 1871 हो गए, जबकि भारत के पास 2017 में 293 थिंक टैंक थे जो बढ़ कर 509 हो गए और वह दूसरे स्थान पर आ गया, जबकि चीन 2017 में 507 थिंक टैंक के साथ दूसरे स्थान पर था, जो अब 512 थिंक टैंक के साथ तिसरे स्थान पर आ चला गया है।

केवल एक साल के अंदर ही भारत के 216 थिंक टैंक बढ़ेे

चौंकाने वाली बात यह है कि केवल एक साल के अंदर ही भारत के 216 थिंक टैंक बढ़ गए। जबकि चीन के पांच थिंक टैंक घट गए। 2018 में थिंक टैंक की संख्या के मामले में भारत दो गुना ऊपर उठ कर दूसरे स्थान पर चला आया, जबकि चीन एक सीढ़ी नीचे चला गया।

रैकिंग के मामले में टॉप 10 में अमेरिका के पांच थिंक टैंक हैं। रैंकिंग में अमेरिका का ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन पहले, फ्रांस का इंटरनेशनल रिलेशंस दूसरे और अमेरिका का कार्नेगी इंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस तीसरे स्थान पर है। टॉप 10 रैंकिंग में भारत और चीन के एक भी थिंक टैंक नहीं हैं।

साभार- Legend news

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