कोरोना संकट: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र मात्र एक दिन का

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पटना। बिहार में कोरोना संकट को देखते हुए विधानसभा का मानसून सत्र एक दिन का कर दिया गया है। 3 अगस्त से विधानसभा का सत्र है, जो कि पहले 6 अगस्त तक प्रस्तावित था लेकिन सूबे में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसे अब एक दिन का कर दिया गया है। स्पीकर विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में ये फैसला लिया गया है। इसी के साथ विधानसभा का मानसून सत्र अब केवल 3 अगस्त को एक ही दिन होगा।


चार की जगह एक दिन का मानसून सत्र


बिहार के द्विसदनीय राज्य विधानमंडल का मानसून सत्र तीन अगस्त को है। ये मानसून सत्र पहले 6 अगस्त तक चलने वाला था लेकिन अब ये सिर्फ 3 अगस्त यानी एक दिन का होगा। यह 16वीं बिहार विधानसभा का अंतिम सत्र हो सकता है, क्योंकि इस साल के आखिर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में विधानसभा का ये सत्र बेहद अहम माना जा रहा है।


सर्वदलीय बैठक में लिया गया फैसला


3 अगस्त को एक दिन विधानसभा सत्र में राजकीय बिल पेश किए जाएंगे। इसके अलावा जरूरी राजकीय कार्यों को निपटाया जाएगा। इसके अलावा बिहार में बाढ़ की स्थिति और कोरोना संकट पर भी चर्चा हो सकती है। विपक्ष की ओर से इस पर चर्चा की मांग की गई है। माना जा रहा कि बाढ़ और कोरोना संकट के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां सरकार से जरूरी सवाल के जवाब जानना चाहेंगी।


बिहार में कोरोना के मामले 50 हजार के पार


बिहार में इस समय कोरोना संक्रमितों की संख्या 50 हजार का आंकड़ा पार जा चुकी है। अब तक इस महामारी से 298 मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 50,987 हो गई है। राज्य में अब तक 33,650 संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का रिकवरी रेट 66 प्रतिशत है। शुक्रवार को आए नए मामलों में सबसे अधिक 535 मामले पटना जिले से सामने आए हैं।


-एजेंसियां

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