कोई लाइलाज नहीं तनाव, क्वालिटी बातचीत से हल करें

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महामारी के दौर में किसी भी करीबी की परेशानी के बारे में जानना आसान नहीं है। ऐसे में सही समय का चुनाव जरूरी हो जाता है क्योंकि यह हमारी बातचीत की क्वालिटी को बताता है। साथ मौजूद न होने पर भी हम ऐसा माहौल तैयार कर सकते हैं, जहां हमारे साथी को सहज महसूस हो और वे खुलकर बात कर सकें।

तनाव के बारे में जानें


फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी में साइकोलॉजी प्रोफेसर थॉमस जॉइनर कहते हैं आपको दोस्त से बातचीत करते वक्त व्यवहार में बदलाव को खोजना चाहिए। अगर आपका साथी हाल ही में रिलेशनशिप की परेशानी, खराब हेल्थ या काम के तनाव से गुजरा है तो वे खासतौर पर परेशान हो सकते हैं।

रिश्तों के आधार पर फैसला लें


अपने रिश्तों के आधार पर आप सावधानी से चलना चाह सकते हैं। मैरिज और फैमिली एक्सपर्ट फीनिक्स जैक्सन ने कहा कि करीबी दोस्त, सहकर्मी, क्लासमेट्स और परिवार के सदस्यों को अलग-अलग तरीकों की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में किसी यह पूछना कि वे ठीक हैं “इस बात पर निर्भर करता है कि कैसे, कहां और कब पूछा गया है। इसे अपमान या इस तरह से भी देखा जा सकता है कि आप व्यक्ति को हटाना चाह रहे हैं।”

फीनिक्स की सलाह के अनुसार, दूसरे व्यक्ति को यह बता दें कि आप यह चिंता के कारण ही पूछ रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति बात नहीं करना चाहता तो उनके फैसले का सम्मान करें। उन्हें भरोसा दिलाएं कि आप यह मुद्दा नहीं उठाएंगे।

पहले खुद की स्थिति का पता करें


चाइल्ड और एडल्ट साइकेट्रिस्ट और डेविड गैफन स्कूल ऑफ मेडिसिन में क्लीनिकल इंस्ट्रक्टर डॉक्टर जेना ली ने कहा “जब आप दूसरों की जांच करते हैं तो कुछ नाजुक चीजों को खोलते हैं और यह अंदर की बातों को बताता है।” ऐसे में यह पक्का करना जरूरी हो जाता है कि आप दूसरे परेशान व्यक्ति की मदद करने के लिए स्वस्थ्य हैं या नहीं।

बातचीत के लिए तैयार हो जाएं तो चिंता का कारण बताएं


मुखर रहें, ऐसा करने से आप दूसरे व्यक्ति को व्यवहार में आए बदलाव के बारे में बता रहे हैं। साइकोलॉजिस्ट उचे उकुकु ने कहा “आप उन्हें इस बात की पुष्टि करने या मना करने का मौका दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि आप दूसरे व्यक्ति को यह नहीं बता रहे कि वो कैसा महसूस कर रहे हैं, लेकिन आप बातचीत शुरू कर रहे हैं। आप उन्हें बदलाव के बारे में बात करने का मौका दे रहे हैं।

गुप्त रखें


फीनिक्स सलाह देती हैं कि अगर आपके किसी के साथ ऐसे व्यवहार हैं, जहां आप गोपनियता रख सकते हैं तो रखें। आपका वादा उनकी मदद करेगा। वे सलाह देती हैं कि अगर बातचीत में कोई शर्म वाली बात हैं तो उन्हें बताएं कि आप समझते हैं कि वे बात के लिए तैयार नहीं हैं। उन्हें बार-बार बताएं कि आपको उनकी चिंता है इसलिए पूछ रहे हैं।

खुले और बिना अनुमान के सवाल पूछें


अगर आप किसी से पूछेंगे कि क्या वे ठीक हैं तो हो सकता है दूसरा व्यक्ति हां कहकर चर्चा को खत्म कर दे। ऐसे में डॉक्टर उकुकु इस तरह के सवाल पूछने की सलाह देती हैं।

और सब कैसा है?


क्या आपके दिमाग में कुछ चल रहा है?
हाल ही में ऐसी कौन सी कठिन बात आपने अनुभव की है?
अगर आप व्यक्ति के करीब हैं तो डॉक्टर ली के मुताबिक आप ये सवाल पूछ सकते हैं।

आपकी मीटिंग कैसी रही?


स्कूल में कई बदलावों में आपके बच्चे कैसे एडजस्ट कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि इस तरह से आपके सवाल अपने आप निकलेंगे। उन्होंने कहा “आप जो करने की कोशिश कर रहे हैं वो यह दिखाता है कि आप जानना चाहते हैं कि उनका जीवन कैसा है और वे हालात का अनुभव कैसे कर रहे हैं।”

अपने संघर्षों के बारे में बताएं


डॉक्टर ली बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अपने बारे में बात करने की भी सलाह देती हैं। अपनी परेशानियों के बारे में भी बताएं। उन्होंने कहा कि इस तरह से बातचीत शुरू करने से दूसरे व्यक्ति को अपनी परेशानियां और चिंता बताने की अनुमति मिलती है।

सवाल पूछने की कोई जरूरत नहीं है


अगर आप किसी को यह बताना चाहते हैं कि आप उनके बारे में सोच रहे हैं तो फीनिक्स इसके लिए पोस्टकार्ड भेजने की सलाह देती हैं। आप लिख सकते हैं “मैं सोच रहा था कि आप कैसे हैं”। उन्होंने कहा कि ऐसा लिखे जाने से लोगों को यह चुनने का मौका मिल जाता है कि वो बात करना चाहते हैं या नहीं।

जवाब के बारे में सोचकर दिमाग को व्यस्त न रखें


डॉक्टर ली ने कहा “जब आप बातचीत कर रहे होते हैं और कोई आपको अपने हालात के बारे में बताता है तो पहली चीज जो लोग सोचते हैं कि ‘मैं क्या कहूंगा? ‘मैं कैसे उनकी मदद कर सकता हूं?’” यह एक आम रिएक्शन है, लेकिन उन्होंने कहा “इन चीजों के बारे में सोचना आपको भटका सकता है और आप वास्तव में सहानुभूति नहीं जता पाएंगे।”

डॉक्टर ली दूसरे व्यक्ति की परेशानी महसूस करने की सलाह देती हैं। भले ही आप शांत बैठे हैं, लेकिन आपके हाव-भाव और बॉडी लैंग्वेज आपकी सहानुभूति को बताती है। अपने दोस्त की बात मानें, कहें कि हां तुम्हारी स्थिति परेशान करने वाली है। उन्होंने कहा “सबसे जरूरी चीज जो हम एक-दूसरे के लिए कर सकते हैं वो है शेयर करना कि आप दोनों साथ में बोझ में हैं।”

दोस्त की परेशानी खुद ही न सुलझाएं


मुश्किल परेशानियों को आपको नहीं सुलझाना चाहिए। अगर आपका दोस्त कोई दिक्कत महसूस कर रहा है तो डॉक्टर जॉइनर की सलाह के मुताबिक, उन्हें मेडिकल मदद लेने के लिए कहें। कभी ऐसा वक्त आता है जब हमारे दोस्त अपनी जरूरतों के बारे में हमें नहीं बता पाते। डॉक्टर उकुकु ने कहा कि हमारा मकसद है उन्हें बताना कि जरूरत पड़ने पर वो आपको याद कर सकते हैं।


– एजेंसी

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