मेरठ में वृक्षारोपण: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज हुआ हस्तिनापुर का नाम

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मेरठ। मेरठ में वृक्षारोपण कार्यक्रम ने अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज करवा ल‍िया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में नाम दर्ज होने से मेरठ वन विभाग के कर्मचारी बेहद खुश हैं। इसी के चलते एक बार फिर हस्तिनापुर का नाम इतिहास से जुड़ गया है। हस्तिनापुर में 28 जुलाई को वन विभाग द्वारा प्रतियोगिता कराई गई थी। वन विभाग की टीम ने 55 मिनट में 30 प्रजाति के 360 पौधों का वृक्षारोपण किया था।

डीएफओ आदिती शर्मा ने बताया कि एक घंटे में सबसे ज्यादा प्रजाति के वृक्ष रोकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड वन विभाग ने बना लिया है। इसका सर्टिफिकेट भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड द्वारा विभाग को दिया गया है।

प्रदेश के आठ जिलों में मंगलवार को एक घंटे में 240 प्रजातियों के 2880 पौधे रोपे जाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। आठ जिलों में मेरठ के अलावा लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, गौतमबुद्धनगर, बांदा और चित्रकूट शामिल थे। हस्तिनापुर में वन विभाग की ओर से 55 मिनट में 30 प्रजातियों के 360 पौधे रोपे गए।

प्रतियोगिता की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी लखनऊ भेजी दी गई है। इस रिकॉर्ड को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए भेजा गया था।

हस्तिनापुर के राजकीय पशुधन कृषि क्षेत्र की भूमि पर पौधे लगाए गए। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से सीसीएसयू के विभागाध्यक्ष प्रो. रूपनारायण, प्रो. विजय मलिक एवं कृषि विवि के प्रोे. सुनील मलिक मौजूद रहे। वन विभाग के मुख्य संरक्षक एनके जानू, डीएफओ अदिति शर्मा ने प्रतियोगिता शुरू कराई थी।

– एजेंसी

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