मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कालीघटा के बीच विराजे केशवदेव

धर्म/ आध्‍यात्‍म/ संस्‍कृति

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रावण मास की प्रतिपदा से आरंभ हुई विभिन्न घटाओं के क्रम में आज 29 जुलाई को श्रावण शुक्ल दशमी त‍िथ‍ि पर श्रीकेशवदेव जी मंदिर में सुप्रसिद्ध काली घटा का परंपरागत आयोजन किया गया। ये आयोजन आज सायं 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक श्रीकृष्ण-जन्मस्थान (जन्मभूमि) प्रांगण में स्थित ठाकुर श्रीकेशवदेव जी मंदिर में सुप्रसिद्ध काली घटा का परंपरागत आयोजन किया गया।

श्रीकेशवदेव मंदिर के अन्दर सजी कालीघटा की मनोहारी झाँकी ने दर्शनार्थ पधारे श्रद्धालुओं का मन-मोहा, तथा जन्मस्थान प्रांगण का माहौल उत्साहजनक बना दिया। सुप्रसिद्ध कालीघटा के मध्य विराजे ठाकुर श्री केशवदेवजी महाराज के श्रीविग्रह की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु-भक्त आतुर दिखाई दिये।

श्रीकृष्ण-जन्मभूमि की इस सुप्रसिद्ध कालीघटा के आयोजन में श्रीकेशवदेव मंदिर के संपूर्ण परिसर को श्याम वस्त्र, लता-पता, पुष्प एवं प्राकृतिक वृक्षावली से अच्छादित किया गया था। इस वर्ष कालीघटा के निर्माण में अधिकतम प्राकृतिक वस्तुओं का प्रयोग किया गया।

श्रीकेशवदेव मंदिर एवं प्रवेशद्वार पर भव्य सज्जा कर कालीघटा के दृश्य का निर्माण किया गया। चित्ताकर्षक कालीघटा के चलते दर्शनार्थ आये भक्तों ने अपलक ठाकुर श्रीकेशवदेव जी महाराज को निहारकर अपने आप को धन्य किया।

सुप्रसिद्ध कालीघटा के श्रीकृष्ण-जन्मस्थान परिसर में विराजमान श्रीकेशवदेव मंदिर में प्रवेश करते ही चमकती-कड़कती बिजली, गरजते-बरसते मेघ, उपवन में नृत्य करते मोर की आवाज, चहचहाते पक्षियों के मध्य उपवन की सज्जा में विराजे ठाकुर श्रीकेशवदेव जी के मनोहारी दर्शन कर स्थानीय भक्तों के साथ-साथ दूर-दराज से पधारने वाले श्रद्धालुओं ने भी अक्षुण्य पुण्य लाभ प्राप्त किया।

इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, संस्थान सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, सं0 मुख्य अधिषाशी राजीव श्रीवास्तव, विशेष कार्याधिकारी विजय बहादुर सिंह आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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