आगरा: सावन मास की परिक्रमा रही स्थगित, जाने पूरा इतिहास परिक्रमा का

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आगरा में मुगल काल से चल रही शिवालयों की परिक्रमा पर रोक है, 13 जुलाई को सावन का दूसरा सोमवार है। आज शाम से ही परिक्रमा शुरू हो जाती, पढे इतिहास

आगरा के चारों कोनो पर हैं, इसके साथ ही श्री मनकामेश्वर और रावली मंदिर है। सावन के पहले सोमवार पर राजेश्वर मंदिर, राजपुर चुंगी पर मेला लगता है, दूसरे सोमवार को बल्केश्वर मंदिर मेला पर शिवालयों की परिक्रमा लगती है, इसके बाद श्री कैलाश मंदिर मेला पर भंडारे लगते हैं और प्रथ्वीनाथ मंदिर पर मेला लगता है।


मुगल काल से लग रही शिवालयों की परिक्रमा


इतिहासकारों का कहना है कि आगरा में मुगल काल से शिवालयों की परिक्रमा लगाई जा रही है, बीच बीच में अवरोध भी आए लेकिन महामना मदन मोहन मालवीय ने 1940 में शिवालयों का जीर्णोदृधार कराया, इसके बाद से सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों की परिक्रमा लग रही है। वहीं, हर सोमवार को शिवालय पर मेला लगता है।


इस बार सोमवार पर मंदिरों के पट बंद, परिक्रमा भी नहीं


कोरोना के संक्रमण को देखते हुए सावन के सोमवार पर शिवालयों के पट भक्तों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पहले सोमवार को भी भक्त शिवालयों में दर्शन नहीं कर सके, मंदिर प्रशासन द्वारा आनलाइन दर्शन कराए गए। दूसरे सोमवार को शिवालयों की परिक्रमा लगती है, लेकिन 13 जुलाई को परिक्रमा नहीं लगेगी। इस बार परिक्रमा लगती तो 12 जुलाई की शाम से ही परिक्रमार्थी घर से निकल जाते और चारों शिवालयों की परिक्रमा लगाकर 13 जुलाई को दोपहर तक घर पहुंचते, जगह जगह भंडारे लगाए जाते।


फाइल फोटो

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