कानपुर: स्थानीय गुंडे को पकडने पहुंची पुलिस पर ताबडतोड फायरिंग एक डीएसपी सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद, कई गंभीर घायल

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कानपुर में एक स्थानीय गुंडे को पकडने पहुंची पुलिस पर ताबडतोड फायरिंग एक डीएसपी सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद, कई गंभीर घायल।

यूपी के कानपुर में गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विकास और उसके 8, 10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं।
एसओ कौशलेंद्र के एक गोली जांघ और दूसरी हाथ पर लगी। इसके अलावा सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, सिपाही शिवमूरत, दरोगा प्रभाकर पांडेय, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। सेंगर और शिवमूरत के पेट में गोली लगी। दोनों की हालत गंभीर है।

शहीद हुए पुलिसकर्मी

क्षेत्राधिकारी बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा
थाना प्रभारी शिवराजपुर महेश चंद्र यादव
चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह
सब इंस्पेक्टर नेबू लाल
सिपाही सुल्तान सिंह
सिपाही राहुल
सिपाही बबलू
सिपाही जितेंद्र

कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। इसके अलावा, वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था। इसके अलावा कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास की जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है। वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है।

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