सोशल मीडिया का रेवेन्यू भी ब्लैक एंड व्हाइट की चपेट में, फेसबुक के शेयर ग‍िरे

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मुंबई। नस्लभेद के मुद्दे पर लगभग 90 कंपनियों द्वारा अपने व‍िज्ञापन बंद कर द‍िए जाने से फेसबुक समेत सोशल मीडिया के रेवेन्यू में भारी ग‍िरावट आई है, विज्ञापन रोकने की खबर से फेसबुक का शेयर 8.3 प्रतिशत गिर गया है।

इंस्टाग्राम, ट्वीटर, फेसबुक सभी पर विज्ञापन की रोक को जबरदस्त जन समर्थन मिला है। दुनिया के सबसे बड़े एडवर्टाइजर्स एचयूएल ने कहा कि अब फेसबुक की प्रॉपर्टीज पर विज्ञापन देना वह बंद कर रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में 90 कंपनियों ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर अपने विज्ञापनों को रोक दिया है। इससे सोशल मीडिया कंपनियों को विज्ञापन रोकने से भारी-भरकम रेवेन्यू का घाटा हुआ है। विज्ञापन रोकनेवाली कंपनियों में वेरिजॉन, लेंडिंग क्लब, नाथ फेस और खासकर एचयूएल आदि का समावेश है।

विज्ञापन रोकने की खबर से फेसबुक के मार्केट वैल्यू में 56 अरब डॉलर की कमी

डव साबुन और हेलमन मेयोनेज़ जैसे प्रमुख कंज्यूमर निर्माता द्वारा फ़ेसबुक पर विज्ञापन का बहिष्कार करने के फैसले का अन्य ब्रांड भी पालन करने को आगे आए हैं। इसे लेकर फेसबुक के निवेशकों की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है। यह खबर फैलते ही इसका शेयर 8.3 प्रतिशत गिर गया। इसके मार्केट वैल्यू में 56 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। यूनिलीवर के इस कदम ने अन्य बड़ी कंपनियों पर तत्काल दबाव बनाया और फेसबुक के कारोबार के समक्ष चुनौती पेश कर दिया है।

कोकाकोला ने भी सोशल मीडिया पर रोका विज्ञापन

उधर शुक्रवार को ही कोका कोला ने कहा कि यह अब सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अगले 30 दिन तक कोई विज्ञापन नहीं देगी। इसके अलावा होंडा मोटर कंपनी और कई अन्य छोटे ब्रांड्स ने भी इस तरह के बहिष्कार का समर्थन किया है। फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने शुक्रवार को कर्मचारियों के साथ लाइव सवाल-जवाब सत्र में विज्ञापनदाताओं की चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कंपनी की विज्ञापन और सामग्री नीतियों में कुछ बदलावों की घोषणा की। लेकिन उनका यह कदम शिकायत करनेवालों के गुस्से को शांत नहीं कर पाया।

फेसबुक पर रेगुलटर की कार्रवाई का खतरा

विज्ञापन देने वालों की चिंता की तुलना में फेसबुक पर अब रेगुलेटरी कार्रवाई का खतरा ज्यादा मंडरा रहा है। EMarketer के अनुसार पूरे अमेरिका के डिजिटल एडवर्टाइजिंग का 30 प्रतिशत हिस्सा फेसबुक को जाता है। इसके तीन अरब से अधिक यूजर्स हैं। फेसबुक के लिए ऐसे विवाद कोई नए नहीं है परंतु फिर भी यह सभी को दरकिनार कर लगातार आगे बढ़ता रहा है। अकाउंट डिलीट करने और बॉयकॉट की धमकियों के बावजूद इसके विज्ञापन रेवेन्यू में 2019 में 27 प्रतिशत से अधिक वृध्दि हुई और इसने 69.7 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू प्राप्त किया।

– एजेंसी

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