हाथरस केस: दंगों की साजिश रचने वाले PFI सदस्यों की ज़मानत पर सुनवाई अब 4 नवं. को

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मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गिरफ्तार कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के चार सदस्यों में मसूद और आलम की जमानत याचिका पर गुरुवार को ADJ-10 की अदालत में सुनवाई। वादी और प्रतिवादी वकीलों के बीच बहस हुई। वहीं, एसटीएफ ने अदालत में अभी मामले की जांच जारी होने का हवाला दिया और जमानत याचिका देने का विरोध किया। इस पर अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 4 नवंबर तय की है। पीएफआई के चारों सदस्य 5 अक्टूबर को हाथरस जाते समय मांट टोल प्लाजा से गिरफ्तार हुए थे।

एसटीएफ के दो अधिकारियों ने जमानत का किया विरोध

PFI के 4 एजेंटों में से बहराइच निवासी मसूद व दिल्ली निवासी आलम ने एडीजे कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल कराई थी। गुरुवार को अदालत में वकीलों के बीच बहस हुई। दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अगली तारीख 4 नवंबर तय की है। सरकारी अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। उनके दो एसपी स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। जिन्होंने इसकी जांच अभी चलने की बात कही। वहीं, आलम की पत्नी बुशरा ने कहा कि उनके पति उबर टैक्सी चलाते हैं। उनको गलत फंसाया गया है। PFI एजेंटों की गिरफ्तारी के मामले में जांच क्राइम ब्रांच से हटाकर एसटीएफ को सौंपी गई है।

आरोपियों के कब्जे से मिले थे भड़काऊ साहित्य

मथुरा जिले में पांच अक्टूबर की रात पुलिस ने मांट टोल प्लाजा से चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सहयोगी कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया था। उनमें केरल के मल्लपुरम निवासी पत्रकार सिद्दीक कप्पन‚ मुजफ्फरनगर निवासी अतीक उर रहमान‚ बहराइच निवासी मसूद अहमद और रामपुर निवासी आलम शामिल हैं। इनके पास हाथरस गैंगरेप मामले से जुड़ा भड़काऊ साहित्य मिला था। चारों आरोपी दिल्ली से आए थे और हाथरस जा रहे थे। PFI एक चरमपंथी इस्लामिक संगठन है। इसका हेड ऑफिस दिल्ली के शाहीन बाग में है। यह संगठन नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में हुए दंगों में भी शामिल था।

हाथरस में क्या हुआ था?

हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित लड़की से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने लड़की की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी। परिजन ने जीभ काटने का भी आरोप लगाया था। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़िता की मौत हो गई थी। चारों आरोपी जेल में हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि लड़की के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था।

– एजेंसी

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