वास्तु शास्त्र: कारोबार में उन्नति के लिये दर्पण लगाने की कौन सी द‍िशा घर के ल‍िए हैं उपयुक्त

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कई लोग कारोबार में उन्नति के लिये दक्षिण दिशा में दर्पण लगाने की सलाह देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार ये ठीक नहीं है। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार अगर घर में दर्पण (Mirror) सही दिशा में नहीं रखा गया हो तो इसका व्यक्ति की जिंदगी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक ब्रह्मांड की पॉजिटिव एनर्जी हमेशा पूर्व से पश्चिम की तरफ और उत्तर से दक्षिण की तरफ चलती है।

दर्पण को पूर्व या उत्तर की दीवार पर इस तरह लगाना चाहिए कि देखने वाले का चेहरा पूर्व या उत्तर की ओर रहे. दक्षिण या पश्चिम की दीवारों पर लगे दर्पण उलट दिशाओं से आ रही ऊर्जा को रिफ्लेक्ट कर देते हैं।

वास्तु शास्त्र में आज आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए दक्षिण दिशा में दर्पण के बारे में। कई लोग कारोबार में उन्नति के लिये दक्षिण दिशा में दर्पण लगाने की सलाह देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार ये ठीक नहीं है।

उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है और दक्षिण दिशा में दर्पण लगाने से उत्तर से आने वाला प्रतिबिम्ब दर्पण में दिखाई देगा, जो कि ठीक नहीं है। चूंकि दक्षिण दिशा के स्वामी यम हैं, इसलिए यहां दर्पण लगाने से कुबेर का लाभ नहीं मिल पायेगा। इसके साथ ही आपको बता दूं कि घर में कभी भी बहुत भारी, नुकीला या जिसका किनारा टूटा फूटा हो, ऐसा दर्पण या शीशा नहीं लगाना चाहिए। साथ ही तिकोना, यानी तीन कोनों वाला शीशा भी नहीं लगाना चाहिए। इससे निगेटिविटी बढ़ती है। 

– एजेंसी

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