मथुरा: नवजात बालिका को मानसी गंगा के किराने तड़पता छोड़ गयी बेहरम माँ

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मथुरा। एक ओर हम नवरात्र का पवन पर्व मना रहे हैं जिसमें घर-घर में कन्या पूजन किया जाता है। वहीं दूसरी और अगर घर में कन्या जन्म ले ले तो उसे कूड़े के ढेर या सड़क किनारे फिंकवा दिया जाता है। ऐसी ही एक ह्रदय विदारक घटना थाना गोवर्धन क्षेत्र के मानसी गंगा कुंड से सामने आयी। जहां कोई रात का फायदा उठाकर मानसी गंगा कुड़ के पास नवज़ात बालिका को बिलखता छोड़ गया। गोवर्धन की परिक्रमा लगाने वाले परिक्रमार्थियों ने जब नवजात को रोते देखा तो उसे थाना गोवर्धन के सुपुर्द कर दिया। बालिका के स्वस्थ को ध्यान में रखते हुए थाना गोवर्धन द्वारा बालिका को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। इसके बाद थाना गोवर्धन द्वारा नवजात बालिका की सूचना चाइल्ड लाइन को दी गयी। सूचना पाकर चाइल्ड टीम मौके पर पहुँची और बालिका को बाल कल्याण समिति के आदेश पर राजकीय बाल (शिशु) ग्रह में आश्रय प्रदान कराया गया।

स्नेहलता चतुर्वेदी, सदस्या बाल कल्याण समिति मथुरा का कहना है कि समाज में आज भी बेटियों को स्वीकार नहीं किया जाता है। इस प्रकार की घटनाएं लगातार आ रही है जो कि बहुत ही निंदनीय है। बाल कल्याण समिति द्वारा बालहित में लगातार सम्भव प्रयास किये जा रहे है।

चाइल्ड लाइन कोऑर्डिनेटर नरेन्द्र परिहार का कहना कि जिला अस्पताल के डॉक्टर द्वारा बालिका को पूर्ण रुप से स्वस्थ बताया गया। बालिका में कोरोना के भी कोई लक्षण नहीं मिले। जिसके बाद चाइल्ड लाइन टीम द्वारा नवजात बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया और बालिका को राजकीय बाल (शिशु) गृह में आश्रय प्रदान कराया गया। चाइल्ड लाइन द्वारा इस नवजात बालिका के परिजनों को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है ताकि बालिका को त्यागने के कारण का पता चल सके।

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