फ़्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, इस्लामिक आतंकवादी हमलों के सामने हम झुकेंगे नहीं

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फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि उनका देश आतंकवाद के सामने नहीं झुकेगा. गुरुवार को फ़्रांस में एक चर्च पर हुए हमले के बाद मैक्रों ने धैर्य और एकता बनाए रखने की भी अपील की है. उन्होंने इस हमले को इस्लामिक आतंकवादी हमला बताया है.

फ़्रांस में नीस शहर के चर्च नॉट्रे-डेम बैसिलिका में एक व्यक्ति ने चाकू से हमला कर दो महिलाओं और एक पुरुष की जान ले ली. दो हफ़्ते से भी कम समय में फ़्रांस में इस तरह का यह दूसरा हमला है.

चर्च में वो व्यक्ति एक चाकू के साथ एक 17 सेंटीमीटर का ब्लेड लेकर सुबह 8.30 बजे घुसा था. 30 मिनट के भीतर उसने दो लोगों को मार दिया और तीसरे को गंभीर रूप से ज़ख़्मी कर दिया.
जिन तीन लोगों की मौत हुई है उनमें से एक 60 साल की महिला थीं, जो 8.30 बजे चर्च खुलने के ठीक बाद प्रार्थना के लिए आई थीं. फ़्रांस के आतंकवाद-निरोधी अभियोजक ज़्यां फ़्राकुआं ने कहा है कि इनका लगभग सिर कलम किया गया था.

दूसरे पीड़ित के बारे में कहा जा रहा है कि वो चर्च का ही कर्मचारी है. इनका नाम विन्सेंट लोकुस है और उम्र 55 साल. इनकी भी गर्दन काटने की ही बात की जा रही है.

तीसरी पीड़ित 44 साल की महिला हैं, जिन्हें कई बार चाकू माका गया. वो गंभीर रूप से ज़ख़्मी थीं और उन्हें किसी तरह चर्च से बाहर निकाला गया लेकिन बाद में उनकी भी मौत हो गई.

ब्राज़ील की प्रेस में इनका नाम सिमोन बारेटो सिल्वा बताया जा रहा है. ये तीन बच्चों की माँ थीं और मूल रूप से अल-साल्वाडोर की थीं. पुलिस ने पूरे हमले को भयावह बताया है.

हमलावर के पास मिली क़ुरान और तीन चाकू

मौक़े पर सबसे पहले सिटी पुलिस पहुंची थी जिसने हमलावर को गोली मार दी.
कहा जा रहा है कि उसने चाकू फेंकने से इंकार कर दिया था. फ़्रांस के अधिकारियों ने तत्काल पुलिस कार्यवाही की तारीफ़ की है और कहा है कि अगर थोड़ी भी देर होती तो और लोगों की जान जा सकती थी.

फ़्रांस की नेशनल आतंकवादी-निरोधी अभियोजक ने हमले की जाँच शुरू कर दी है ताकि किसी संगठन का पता लगाया जा सके.

अभियोजक ज़्यां फ़्रांकुआं ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि हमलावर के पास तीन चाकू थे लेकिन इस्तेमाल एक ही का किया गया. उन्होंने कहा कि हमलावर के पास एक क़ुरान भी थी. फ़्रांस के मीडिया में हमलावार का नाम ब्राहिम ओउसाओई बताया जा रहा है. उसकी उम्र 21 साल बताई जा रही है. ये भी कहा जा रहा है कि वो इटली से फ़्रांस अवैध रूप से आया था.

ज़्यां फ़्रांकुआं ने कहा है कि संदिग्ध हमलावर नीस स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे में सुबह 6.47 बजे दिखा है.

उन्होंने कहा, ”स्टेशन से निकलने के बाद उसने जैकेट और जूते बदले थे. इसके बाद वो 400 मीटर पैदल चलकर नॉट्रे-डेम गया. वो 8.29 बजे चर्च में घुसा था. वो अल्लाहू अकबर चिल्ला रहा था. इटली में आने का इसका रजिस्ट्रेशन 20 सितंबर को हुआ था.”

13 दिन पहले ही 18 साल के एक व्यक्ति ने 47 साल के फ़्रांसीसी टीचर का सिर कलम कर दिया था. सैमुएल पेची उत्तर-पूर्वी पैरिस के हाई स्कूल में इतिहास के शिक्षक थे. उन्होंने क्लासरूम में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा के दौरान शार्ली हेब्दो में छपा पैग़ंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाया था.

सैमुएल पेची की हत्या के बाद फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस्लामिक अतिवाद पर नकेल कसने का संकल्प लिया था.

इसके तहत उन्होंने अतिवाद को बढ़ावा देने वाली मस्जिदों और संगठनों को बंद करने की बात कही थी. इसे लेकर इस्लामिक दुनिया के कई देशों में जमकर विरोध-प्रदर्शन हुए और फ़्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार की अपील की गई.

क्या कहा राष्ट्रपति मैक्रों ने

मैक्रों ने गुरुवार को 2016 में फादर जैकीस हामेल के नोरमैंडी चर्च में सिर कलम का भी हवाला दिया. मैक्रों ने कहा कि फ्रांस निशाने पर है. मैक्रों ने कहा कि नीस में तीन लोग मारे गए और सऊदी अरब में फ़्रांस के वाणिज्यिक दूतावास को निशाना बनाया गया.

मैक्रों ने कहा, ”मैं फ़्रांस और दुनिया भर के कैथोलिक लोगों के साथ खड़ा हूं. 2016 में फादर हैमेल की हत्या के बाद एक बार फिर से फ़्रांस के कैथोलिकों को निशाने पर लिया जा रहा है. वो भी ऑल सेंट्स डे के ठीक पहले. हम देश में धार्मिक स्वतंत्रता कायम रखने के लिए उनके साथ हैं. धर्म में आस्था हो या न हो, हर धर्म के अनुयायियों को अपने धर्म का पालना करने का अधिकार है. आज हम कैथोलिक लोगों के साथ खड़े हैं.”

मैक्रों ने कहा, ”मेरा दूसरा संदेश इस्लामिक आतंकवाद की मूर्खता झेलने वाले नीस और नीस के लोगों के लिए है. ये तीसरी बार है जब आपके शहर में आतंकवादी हमला हुआ है. आपके साथ पूरा देश खड़ा है. अगर हम पर फिर से हमला होता है तो यह हमारे मूल्यों के प्रति संकल्प, स्वतंत्रता को लेकर हमारी प्रतिबद्धता और आतंकवाद के सामने नहीं झुकने की वजह से होगा. हम किसी भी चीज़ के सामने नहीं झुकेंगे. आतंकवादी ख़तरों से निपटने के लिए हमने अपनी सुरक्षा और बढ़ा दी है.”

फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि रविवार को ऑल सेंट्स डे के लिए सभी धार्मिक स्थलों में ख़ासकर कैथोलिक चर्च की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. सड़कों पर सुरक्षाकर्मियों की तादाद तीन हज़ार से बढ़ाकर सात हज़ार कर दी जाएगी. स्कूल के बाहर भी सैनिकों की तैनाती की जाएगी.”

मैक्रों ने कहा, ”हम अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर तैयार हैं. ऐसी घड़ी में धैर्य और एकता कायम रखने की ज़रूरत है. फ़्रांस में महज़ एक समुदाय है और वो हैं फ़्रासीसी. नीस के मेयर क्रिश्चियन एस्टोसी ने हमले के बाद इस्लामो-फासिज़्म की बात की और कहा कि हमलावर ज़ोर-ज़ोर से अल्लाहो अकबर चिल्ला रहा था.

पूरे मामले पर यूरोपियन काउंसिल के सदस्यों ने साझा बयान जारी किया है. इसमें कहा गया है, ”फ़्रांस में आतंकवादी हमले से पूरा यूरोप स्तब्ध और दुखी है. हम इसकी निंदा करते हैं. यह हमारे साझे मूल्यों पर हमला है. हम फ़्रांस के साथ खड़े हैं. आतंकवाद से हम मिलकर लड़ते रहेंगे.”

यूरोपियन काउंसिल के इस साझे बयान को ट्वीट करते हुए मैक्रों ने लिखा है, ”हम सभी परिवार हैं. हम अपने मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हैं. इस समर्थन के लिए आप सभी का शुक्रिया.”

-BBC

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