निकिता मर्डर केस में SIT ने चार्जशीट में लव जिहाद के एंगल को नहीं किया शामिल

Regional

फरीदाबाद। निकिता मर्डर केस में SIT ने चार्जशीट में लव जिहाद के एंगल को शामिल नहीं किया है। पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपितों का किसी भी जिहादी संगठन से जुड़ाव सामने नहीं आया है। वहीं, उसकी सोशल मीडिया की प्रोफाइल को SIT की टीम जांच रही है। SIT के अधिकारियों कि माने तो मुख्य आरोपी तौसीफ ने निकिता से भी साल 2018 में नाम बदलकर दोस्ती की थी। ऐसे में उन सभी के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर नजर रखी जा रही है, जो तौसीफ और रेहान की लिस्ट में शामिल हैं।

2018 में अपहरण के मुकदमे में भी सप्लीमेंट्री चार्जशीट

शुक्रवार को पेश की गई चार्जशीट में एसआईटी ने 2018 में आरोपित तौशीफ के निकिता का अपहरण करने का उल्लेख किया है, मगर उससे संबंधित कोई अन्य तथ्य शामिल नहीं किया। इस मुकदमे में निकिता के परिजनों ने अदालत में हलफनामा दे दिया था इसलिए इसकी जांच फिर से शुरू करने के लिए अदालत की मंजूरी जरूरी है। एसआईटी ने मुकदमे की दोबारा जांच की मंजूरी के लिए अदालत में आवेदन कर दिया है। 9 नवंबर को उस पर सुनवाई होगी। जांच के दौरान पुलिस तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करेगी। जांच पूरी होने पर सप्लीमेंट्री चार्जशीट अदालत में पेश की जाएगी।

तीन चश्मदीद समेत 60 लोगों को बनाया गया है गवाह

एसीपी अनिल कुमार ने बताया कि इस केस में हत्याकांड के समय साथ में मौजूद निकिता की दोस्त, उसका भाई और कॉलेज एक अन्य स्टूडेंट को पुलिस ने मुख्य गवाह बनाया है। इसके साथ ही मां, पिता और कजिन को भी इस मामले में पुलिस ने गवाह बनाया है। इसके साथ ही पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के एक्सपर्ट्स, पोस्टमॉर्टम में मौजूद डॉक्टर समेत निकिता तोमर के कॉलेज एक कई स्टाफ को भी इस मामले में गवाह बनाया है। इन सभी के अलावा भी कई अन्य गवाहों को पुलिस ने इस केस में गवाह बनाया है। पुलिस ने कुल 60 लोगों को इस मामले में गवाह बनाया है।

-एजेंसियां

up18news

Leave a Reply

Your email address will not be published.