नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू

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चंडीगढ़। नए कृषि कानूनों के विरोध में आज से दो दिन का पंजाब विधानसभा सत्र शुरू हो गया है। सत्र में नए कृषि कानूनों पर चर्चा के बाद सरकार इसे रोकने के लिए विधेयक पेश करेगी। सत्र शुरू होने से पहले सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र के किसान विरोधी कानूनों से पंजाब की कृषि और किसान के हितों की रक्षा के लिए चर्चा की जाएगी। हालांकि विपक्ष अकाली दल और आम आदमी पार्टी सत्र को लेकर पंजाब सरकार के विरोध में उतर आए हैं।

अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, ‘आज से शुरू हो रहे महत्वपूर्ण विशेष सत्र के लिए विधानसभा पहुंच गया हूं। हम केंद्र के किसान विरोधी कानूनों से पंजाब की खेती को बचाने और हमारे हितों की रक्षा के लिए चर्चा और बहस करने के लिए मिल रहे हैं।’ विधानसभा सत्र में कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू भी पहुंचे हैं।

अकाली दल ने ट्रैक्टर पर चढ़कर किया प्रदर्शन

हालांकि विपक्षी दल विशेष सत्र का विरोध कर रहे हैं। अकाली दल ने ट्रैक्टर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। अकाली दल के नेता विक्रम मजीठिया ने कहा, ‘पंजाब सरकार ने कृषि कानूनों के खिलाफ पहले के प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजे। वे लोग केंद्र के साथ मिलकर फिक्स मैच खेल रहे हैं।’

केंद्र से राज्य की साठगांठ का खुलासा करेगी आप

वहीं आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी काले कपड़े पहनकर पंजाब सरकार का विरोध किया। आम आदमी पार्टी ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने की मांग की। आप विधायक हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘पंजाब सरकार इन काले कानूनों के विरोध कर रही हैं। आम आदमी पार्टी इसका खुलासा करेगी कि कैसे पंजाब ने केंद्र के साथ कानून पर साठगांठ की है।’

सीएम बोले, सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे लड़ाई

इससे पहले पंजाब कैबिनेट ने कहा था कि विधानसभा के विशेष सत्र से पहले कृषि कानूनों का मुकाबला करने के लिए रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक के समय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी और हम इसे सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगे।
मुख्यमंत्री अमरिंदर ने सिंह ने कहा था, ‘कांग्रेस के लिए यह लड़ाई कोई राजनीति नहीं बल्कि पंजाब की कृषि और किसानों को बचाने का प्रयास है। इसको लेकर जो भी फैसला होगा, वह किसानी के हित को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।’

-एजेंसियां

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