दुर्गा पूजा की शुरुआत पर पश्‍चिम बंगाल के लोगों को पीएम ने किया संबोधित, सरकार के संकल्प गिनाए

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कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दुर्गा पूजा की शुरुआत के दौरान पश्‍चिम बंगाल के लोगों को संबोधित किया। दुर्गा पूजा पर बात करते हुए मोदी ने पश्चिम बंगाल के वोटरों को लुभाने की कोशिश की। उन्‍होंने कहा कि महिषासुर का वध करने के लिए माता का एक अंश ही पर्याप्त था, लेकिन इस कार्य के लिए सभी दैवीय शक्तियां संगठित हो गई थीं। वैसे ही नारी शक्ति हमेशा से सभी चुनौतियों को परास्त करने की ताकत रखती है। ऐसे में सभी का दायित्व है कि संगठित रूप से सभी उनके साथ खड़े हों।

पीएम ने अपनी सरकार के संकल्प गिनाते हुए कहा कि रेप की सजा से जुड़े कानूनों को बहुत सख्त किया गया है। दुराचार करने वालों को मृत्युदंड तक का प्रावधान हुआ है। भारत ने जो नया संकल्प लिया है, आत्मनिर्भर भारत के जिन अभियान पर हम निकले हैं, उसमें भी नारी शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है।

लग रहा है दिल्ली में नहीं बंगाल में उपस्थित हूंः पीएम

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुर्गा पूजा का पर्व भारत की पूर्णता का पर्व है। बंगाल की पूजा भारत की इस पूर्णता को एक रंग, नया श्रृंगार देती है। यह बंगाल की ऐतिहासिकता का प्रभाव है। षष्ठी के इस शुभ अवसर पर मैं बंगाल की पुण्य भूमि को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि आज भक्ति की शक्ति ऐसी है, जैसे लग रहा है कि मैं दिल्ली में नहीं बल्कि बंगाल में आप सभी के बीच उपस्थित हूं।

कोरोना को लेकर दी सलाह

पीएम ने लोगों को कोरोना को लेकर एहतियात बरतने की भी सलाह दी है। उन्होंने कहा, ‘कोरोना संकट के बीच हम सभी दुर्गा पूजा मना रहे हैं। दुर्गा भक्त, पंडाल के आयोजकों ने इस बार अद्भुत संयम दिखाया है। संख्या पर भले असर पड़ा हो लेकिन भव्यता वही है। दिव्यता वही है। आयोजन भले ही सीमित है लेकिन उल्लास असीमित है। यही तो बंगाल की पहचान है। मेरी आपसे आग्रह है कि मां दुर्गा की पूजा के साथ दो गज की दूरी, मास्क पहनने और सारे नियमों का पालन करेंगे।’

बंगाल के महापुरुषों को किया याद

पीएम ने कहा कि बंगाल के महापुरुषों ने मां भारती की सेवा की है। बंगाल की माटी को माथे पर लगाकर पूरी मानवता को दिशा दिखाई, ऐसे महापुरुषों रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, चैतन्य महाप्रभु, ऑरोबिंदो घोष, बाबा लोकनाथ, श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र, मां आनंदमयी को मैं प्रणाम करता हूं। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय, शरद चंद्र चट्टोपाध्याय को मैं प्रणाम करता हूं, जिन्होंने समाज को नई राह दिखाई।

इसके अलावा पीएम ने कहा कि ईश्वरचन्द्र विद्यासागर, राजा राम मोहन राय, गुरुचंद ठाकुर, हरिचंद ठाकुर, पंचानन बरमा का नाम लेते हुए नई चेतना जगती है। मोदी ने कहा कि यह अवसर है कि इन सबके सामने शीश झुकाया जाए, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को जीवंत किया। नई ऊर्जा से भर दिया ऐसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, शहीद खुदीराम बोस, शहीद प्रफुल्ल चाकी, मास्टर दा सूर्य सेन, बाघा जतिन को मैं नमन करता हूं।

महिला सशक्तीकरण पर बोले पीएम

पीएम ने कहा कि महिषासुर का वध करने के लिए माता का एक अंश ही पर्याप्त था, लेकिन इस कार्य के लिए सभी दैवीय शक्तियां संगठित हो गई थीं। ऐसे ही नारी शक्ति हमेशा से सभी चुनौतियों को परास्त करने की ताकत रखती है। ऐसे में सभी का दायित्व है कि संगठित रूप से सभी उनके साथ खड़े हों। मोदी ने कहा कि देश में आज महिलाओं के सशक्तीकरण का अभियान तेज गति से जारी है। रेप की सजा से जुड़े कानूनों को बहुत सख्त किया गया है। दुराचार करने वालों को मृत्युदंड तक का प्रावधान हुआ है।

पीएम ने कहा कि 22 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोलना हो या फिर मुद्रा योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को आसान ऋण देना हो। चाहे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान हो या फिर तीन तलाक के खिलाफ कानून हो, देश की नारी शक्ति को सशक्त करने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। भारत ने जो नया संकल्प लिया है और आत्मनिर्भर भारत के जिस अभियान पर हम निकले हैं, उसमें भी नारी शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है।

बता दें कि पश्‍चिम बंगाल के साल्ट लेक में ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर का पंडाल भी शामिल रहा, जिसे भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की ओर से ऑर्गनाइज किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री के संबोधन को हर पोल बूथ और बीजेपी कार्यालय पर लाइव दिखाया।

-एजेंसियां

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