केरल के बिलीवर्स ईस्टर्न चर्च पर आयकर विभाग का छापा, गैरकानूनी तरीके से जुटाए हजारों करोड़

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त‍िरुवनंतपुरम। केरल के बिलीवर्स ईस्टर्न चर्च (Believers Eastern Church) पर आयकर विभाग ने कर चोरी करने का दावा करते हुए छापा मारा है। कर चोरी और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन के बाद तिरुवल्ला स्थित चर्च द्वारा किए गए उल्लंघन के लिए छापे मारे गए। आयकर विभाग ने इस चर्च के मुखिया और इसाई धर्म प्रचारक केपी योहानन (KP Yohanan) के घर और ऑफिस में छापा मारा है। इस चर्च पर आरोप लगा है कि वह चैरिटी फंड का इस्तेमाल धार्मिक और निजी कार्यों के लिए कर रहा है।

आयकर विभाग को छापे के विवरण का खुलासा करना बाकी है। एक अनौपचारिक और अपुष्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि छापे के दौरान नकदी और कुछ दस्तावेज जब्त किए गए हैं। 18 वर्षों की अवधि में यह आरोप लगाया गया है कि चर्च को विदेशी कोष में INR 1,000 करोड़ से अधिक प्राप्त हुए थे। पारदर्शिता और संदिग्ध हस्तांतरण की कमी के कारण, विश्वासियों चर्च ने पहले गृह मंत्रालय के 2017 में विवाद के बाद विवाद किया है और तीन गैर-सरकारी संगठनों ने विदेशी निधियों को स्वीकार करने से जुड़ा है।

आरोप लगाया गया है कि चर्च के मुखिया केपी योहानन ने गरीबों के नाम पर विदेश से धन इकट्ठा किया और उसका इस्तेमाल रियल एस्टेट क्षेत्र में और अपने निजी इन्वेस्टमेंट में किया। इस बारे में स्थानीय लोगों से जानकारी ली गई थी जिसके आधार पर यह छापेमारी की कार्रवाई की गई।

बताया जा रहा है कि आईटी विभाग को इस बारे में सूत्रों से कई अहम जानकारी मिली थी। अधिकारियों ने चर्च मुखिया के घर पर खड़ी एक गाड़ी से 57 लाख रुपए और कुछ फोन भी बरामद किए थे।

एक रिपोर्ट के अनुसार छापेमारी अभियान गुरूवार से शुरू हुआ था जो अभी तक केरल समेत देश के कई दूसरे क्षेत्रों में जारी है। अभी तक कई परिसरों से लगभग 8 करोड़ रुपए जब्त किए जा चुके हैं। बताते चले कि 2012 में भी राज्य सरकार ने चर्च मुखिया केपी योहनन के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए थे।

वहीँ, इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के मुताबिक केरल के ‘बीलीवर्स ईस्टर्न चर्च’ देशभर में कई पूजास्थलों, विद्यालयों, कॉलेजों तथा केरल में एक मेडिकल कॉलेज और एक अस्पताल को चलाता है। इस चर्च को गरीबों और अनाथों की मदद के लिये विदेश से दान मिलता है, लेकिन असल में इस तरह के टैक्स फ्री फंड का प्रॉपर्टी के में निजी और अन्य अवैध खर्चों के लिये बेहिसाब नकद लेनदेन में इस्तेमाल किया गया था।

– एजेंसी

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