आरोपी के समर्थन में बोलने पर बलिया के विधायक सुरेन्‍द्र सिंह लखनऊ तलब

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बलिया। बलिया हत्याकांड में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह का आरोपी के समर्थन में उतरना उनके लिए महंगा साबित हो सकता है। मामले को लेकर विधायक के स्टैंड से पार्टी की किरकिरी होने के बाद बीजेपी शीर्ष पदाधिकारियों ने इस पर एक्शन लेने का फैसला किया है। रविवार को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने बैरिया से विधायक सुरेंद्र सिंह को समन भेजा है। प्रदेश अध्यक्ष ने बलिया हत्याकांड मामले में बीजेपी नेता के बयान को लेकर उन्हें समन भेजा है।

वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार घिरे योगी आदित्यनाथ ने सुरेंद्र सिंह को लखनऊ तलब किया है। बताया जा रहा है कि बलिया हत्याकांड को लेकर विधायक द्वारा दिए गए लापरवाही भरे बयानों से पार्टी की छवि धूमिल हुई है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व उन पर एक्शन लेने की तैयारी हैं। सिंह को पार्टी से बाहर भी किया जा सकता है।

वहीं विपक्षी दल भी इसे लेकर बीजेपी पर लगातार हमला बोल रहे हैं। रविवार को ही प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा से सवाल किया था कि क्या वह अपराधी का साथ देने वाले बीजेपी विधायक के साथ खड़े हैं? प्रियंका ने पूछा था कि अगर ऐसा नहीं है तो सुरेंद्र सिंह अभी तक पार्टी में क्यों बने हुए हैं। उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार से भी उनके स्टैंड के बारे में सवाल किया था। उन्होंने कहा था कि बीजेपी सरकार बताए कि बलिया हत्याकांड में वह किसके साथ खड़ी है?

गौरतलब है कि बलिया के दुर्जनपुर गांव में कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर चल रही मीटिंग में गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। आरोप है कि मीटिंग में एसडीएम, सीओ, एसओ और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे और उनके सामने ही गोली चलाकर शख्स की हत्या कर दी गई। यह भी आरोप लगे हैं कि पुलिस ने आरोपी धीरेंद्र को मौके पर ही पकड़ लिया था लेकिन बाद में छोड़ दिया। आरोपी धीरेंद्र बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी बताया गया। बाद में सुरेंद्र सिंह ने खुद सार्वजनिक तौर पर इसे स्वीकार किया।

इतना ही नहीं, सिंह आरोपी के परिवार का मेडिकल कराने के लिए खुद जिला अस्पताल पहुंच गए। वहां आरोपी परिवार की बातें सुनकर वह रो पड़े। बाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर आरोपी पक्ष का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा तो वह आमरण अनशन पर बैठेंगे।

-एजेंसियां

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