आगरा: दुग्ध व्यवसायी दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा संचालित अनुदान योजना का लाभ उठायें

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प्रदेश सरकार द्वारा दुग्ध नीति-2018 के तहत् दुग्ध व्यवसायियों/उद्यमियों के लिये अनुदान से सम्बन्धित अनेक कल्याणकारी योजनायें संचालित की गयी हैं। जिसमें पूँजीगत् निवेश अनुदान योजना के अन्तर्गत चयनित लाभार्थियों को अधिकतम धनराशि रू0 50 लाख की सीमा तक दो समान किश्तों में अनुदान अनुमन्य है। यह जानकारी उप दुग्धशाला विकास अधिकारी श्री अखिलेन्द्र मिश्रा ने देते हुए बताया कि ब्याज उपादान योजनान्तर्गत सूक्ष्म एवं लघु दुग्ध प्रसंस्करण इकाई हेतु चयनित लाभार्थी को बैंक/वित्तीय संस्थाओं से लिये गये ऋण पर देय ब्याज की दर का शत्-प्रतिशत्, जो अधिकतम 05 वर्ष तक पूर्ति की जायेगी तथा अन्य दुग्ध प्रसंस्करण इकाई को बैंक/वित्तीय संस्थाओं से लिये गये ऋण पर देय ब्याज की दर का 07 प्रतिशत् अथवा वास्तविक ब्याज की दर से जो भी कम हो, अधिकतम 05 वर्ष हेतु प्रतिपूर्ति की जायेगी

उप दुग्धशाला विकास अधिकारी ने बताया कि मानकीकरण प्रोत्साहन प्राविधान योजना के तहत् दुग्ध प्रसंस्करण के उत्पादों का श्रेणीकरण तथा मानकीकरण कराने के उद्देश्य से वास्तविक रूप से भुगतान की गयी फीस और टेस्टिंग चार्ज के सापेक्ष 50 प्रतिशत अधिकतम रू0 1.50 लाख अनुदान के रूप में प्रतिपूर्ति की जायेगी तथा पेटेन्ट डिजाईन पंजीकरण प्राविधान योजना के अन्तर्गत पेटेन्ट डिजाईन के पंजीकरण हेतु दुग्ध प्रसंस्करण उद्योगों द्वारा अधिकृत संगठनों/संस्थानों को भुगतान की गयी फीस का 75 प्रतिशत् अधिकतम रू0 1.50 लाख अनुदान प्रतिपूर्ति एक बार देय होगी। उन्होंने बताया कि बाजार विकास एवं ब्राण्ड प्रोत्साहन प्राविधान योजना के तहत् दुग्ध प्रसंस्करण इकाईयों के बाजार विकास एवं ब्राण्ड प्रोत्साहन हेतु उत्पादित उत्पाद के निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अन्य देशों में उत्पाद का नमूना (सैम्पल) प्रेषित करने पर इकाई लागत का 50 प्रतिशत्, जो अधिकतम रू0 02 लाख प्रति लाभार्थी अनुदान अनुमन्य है।

इसके अतिरिक्त राज्य में उत्पादित प्रसंस्कृत उत्पाद के निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु एयरपोर्ट/समुन्द्रीपोर्ट तक उत्पाद परिवहन पर होने वाले वास्तविक व्यय का 25 प्रतिशत्, जो रू0 10 लाख प्रतिवर्ष की अधिकतम सीमा तक 03 वर्षों तक प्रति लाभार्थी अनुदान अनुमन्य है तथा राज्य में उत्पादित प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यात प्रोत्साहन हेतु उत्पाद को एफ0ओ0बी0 मूल्य का 20 प्रतिशत् जो अधिकतम रू0 20 लाख प्रतिवर्ष की दर से 03 वर्षों तक अनुदान अनुमन्य है।

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